More
    Homeदुनियाहिंसक प्रदर्शन में बढ़ा तनाव, भीड़ ने फूंका अमित शाह का पुतला,...

    हिंसक प्रदर्शन में बढ़ा तनाव, भीड़ ने फूंका अमित शाह का पुतला, हाई कमीशन पर हमला करने की कोशिश

    ढाका। पड़ोसी देश बांग्लादेश में सिर उठा रही भारत विरोधी ताकतों ने एक बार फिर कूटनीतिक हलकों में चिंता पैदा कर दी है। राजधानी ढाका में कट्टरपंथी विचारधारा वाले संगठन जमात-ए-इस्लामी और उसके समवैचारिक घटक दलों के कार्यकर्ताओं ने भारत के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया और वहां स्थित भारतीय उच्चायोग का घेराव करने के उद्देश्य से मार्च निकालने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद सुरक्षा बलों ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक लिया। शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से वहां भारत विरोधी भावनाओं और प्रदर्शनों में अचानक आई तेजी ने दोनों देशों के आपसी रिश्तों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    सीमा विवाद और कथित 'पुश-इन' को बनाया आंदोलन का मुख्य मुद्दा

    जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व में संचालित 11 राजनैतिक दलों के मोर्चे ने इस भारत विरोधी अभियान को हवा दी है। इस धड़े का तर्क है कि भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हो रही कथित गोलीबारी और 'पुश-इन' (जबरन सीमा पार धकेलने) की घटनाओं के प्रतिकार में यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया गया है। प्रदर्शनकारी नेताओं ने मंच से आरोप लगाया कि हालिया महीनों में सीमा सुरक्षा बल द्वारा बांग्लादेशी नागरिकों को प्रताड़ित करने और उन्हें जबरन इस पार भेजने की कोशिशें की गई हैं। इन आरोपों को आधार बनाकर यह संगठन पूरे देश में रैलियां, विरोध मार्च, संगोष्ठियां और बैठकें आयोजित कर जनभावनाओं को भड़काने में जुटा है।

    मशाल जुलूस के साथ उच्चायोग की तरफ बढ़ने का प्रयास और पुतला दहन

    राजधानी में विरोध की कमान मुख्य रूप से 'बांग्लादेश आजाद पार्टी' के हाथों में दिखी, जिसके कार्यकर्ताओं ने देर शाम एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। यह हिंसक भीड़ भारतीय उच्चायोग की तरफ कूच कर रही थी, लेकिन कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने गुलशन-1 क्षेत्र में बैरिकेडिंग करके उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। रोके जाने से नाराज प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और भारत विरोधी नारेबाजी करने लगे। इसी स्थान पर केंद्रीय गृह मंत्री का पुतला फूंका गया और विभिन्न धार्मिक व राजनैतिक संगठनों के शीर्ष नेताओं ने भारत पर क्षेत्रीय राजनीति में कथित 'दादागीरी' करने के आरोप लगाते हुए भड़काऊ भाषण दिए।

    नया राजनैतिक विकल्प और द्विपक्षीय संबंधों पर मंडराता खतरा

    इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में रही 'बांग्लादेश आजाद पार्टी' एक नया राजनैतिक दल है, जिसका गठन इसी वर्ष अप्रैल महीने में हुआ था। इस दल का मुख्य एजेंडा कथित तौर पर बांग्लादेश को भारतीय प्रभाव से पूरी तरह मुक्त कराना और संप्रभुता की रक्षा करना है। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद वहां का एक बड़ा धड़ा भारत विरोध को एक मजबूत चुनावी और राजनैतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। उच्चायोग जैसे अत्यधिक संवेदनशील कूटनीतिक क्षेत्र की तरफ मार्च करना और शीर्ष भारतीय राजनेताओं को निशाना बनाना दोनों देशों के बीच भविष्य के द्विपक्षीय और व्यापारिक संबंधों के लिए एक बड़ा संकट पैदा कर सकता है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here