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    MVA में सीट बंटवारे को लेकर तनातनी, उद्धव सेना आक्रामक; शरद पवार की भूमिका पर चर्चा तेज

    मुंबई। महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (MVA) के भीतर राज्यसभा की एकमात्र संभावित सीट (Rajya Sabha seat) को लेकर सियासी रस्साकशी शुरू हो गई है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने इस सीट पर अपना दावा ठोक दिया है, जिससे गठबंधन सहयोगियों के बीच बातचीत और मोलभाव के संकेत मिल रहे हैं।

    आदित्य ठाकरे ने संख्या बल का दिया हवाला

    पार्टी नेता आदित्‍य ठाकरे ने कहा कि विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर यह सीट उनकी पार्टी के हिस्से में आनी चाहिए।
    उन्होंने स्पष्ट किया कि सीट बंटवारे पर अभी गठबंधन के घटकों—कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के साथ औपचारिक चर्चा नहीं हुई है, लेकिन बातचीत इसी दिशा में आगे बढ़ेगी।

    MVA केवल एक सीट जीतने की स्थिति में

    मौजूदा संख्याबल के हिसाब से MVA महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों में से केवल एक सीट ही जीत सकता है। यही वजह है कि गठबंधन के भीतर यह तय करना अहम हो गया है कि उम्मीदवार किस दल का होगा।

    शरद पवार ने जताई राज्यसभा लौटने की इच्छा

     

    शिवसेना (UBT) सांसद Sanjay Raut ने बताया कि NCP प्रमुख Sharad Pawar ने राज्यसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। उनका मौजूदा कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। राउत के मुताबिक, “जब कोई वरिष्ठ नेता इस तरह इच्छा जताता है, तो गठबंधन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।”

    सूत्रों का कहना है कि शिवसेना (UBT) और कांग्रेस, पवार की उम्मीदवारी का समर्थन कर सकते हैं। बदले में व्यापक सीट-बंटवारे के तहत शिवसेना विधान परिषद की सीट की मांग उठा सकती है।

    उद्धव ठाकरे की विधान परिषद में वापसी पर भी चर्चा

    राउत ने यह भी कहा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री Uddhav Thackeray से विधान परिषद में दोबारा आने का आग्रह किया है। उनका कार्यकाल मई में खत्म हो रहा है और पार्टी मानती है कि संगठनात्मक और विधायी कामकाज के लिए उनका सदन में रहना जरूरी है।

    चुनाव कार्यक्रम घोषित, समीकरण साफ

    राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों के लिए Election Commission of India ने 16 मार्च को मतदान की घोषणा की है।
    विधानसभा की मौजूदा ताकत के आधार पर Bharatiya Janata Party चार सीटें जीतने की स्थिति में मानी जा रही है, जबकि सहयोगी दलों को अन्य सीटें मिल सकती हैं। यदि MVA एकजुट रहता है, तो उसके खाते में सिर्फ एक सीट आना तय माना जा रहा है।
    एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 प्रथम-वरीयता वोटों की जरूरत होती है।

    कांग्रेस ने दिया संतुलित संकेत

    महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गठबंधन के सहयोगियों को सामूहिक निर्णय से पहले अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट करना चाहिए, ताकि उम्मीदवार पर सहमति बन सके।

    राज्यसभा की एक सीट ने MVA के भीतर शक्ति-संतुलन का सवाल खड़ा कर दिया है। उद्धव ठाकरे गुट की दावेदारी, शरद पवार की संभावित वापसी और सीट समायोजन की चर्चाएं आने वाले दिनों में गठबंधन की अंदरूनी राजनीति को और गर्मा सकती हैं।

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