मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई स्थित ऐतिहासिक और अतिसंवेदनशील ताज महल पैलेस होटल को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद रविवार देर रात सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर दावा किया कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गों ने ताज होटल में बम रखा है। इस सनसनीखेज सूचना के बाद मुंबई पुलिस, नवी मुंबई पुलिस, अपराध शाखा और बम निरोधक दस्ता (BDDS) तत्काल हरकत में आ गए। हालांकि, कई घंटों तक चली गहन जांच और चप्पे-चप्पे की तलाशी के बाद होटल परिसर से कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद इस कॉल को फर्जी (हॉक्स) करार दिया है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है।
आधी रात को आया धमकी भरा फोन
पुलिस के मुताबिक, शनिवार देर रात लगभग 12:13 बजे नवी मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम के आपातकालीन नंबर पर एक अज्ञात कॉल आया। कॉल करने वाले ने बेहद डराने वाले लहजे में दावा किया कि ताज महल पैलेस होटल में बम फिट कर दिया गया है और इसमें भारत के मोस्ट वांटेड भगोड़े अपराधी दाऊद इब्राहिम का हाथ है। साल 2008 के 26/11 आतंकी हमले के काले इतिहास को देखते हुए पुलिस ने इस सूचना को जरा भी हल्के में नहीं लिया और तत्काल मुंबई पुलिस मुख्यालय को अलर्ट भेजकर वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया।
सुरक्षा एजेंसियों ने छाना होटल का कोना-कोना
अलर्ट मिलते ही कुलाबा थाना पुलिस, मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच, बम खोजी एवं नाशक दस्ता (BDDS) और खोजी कुत्तों (डॉग स्क्वॉड) की टीमें भारी सुरक्षा घेरे के साथ ताज होटल पहुंच गईं। सुरक्षा बलों ने होटल की मुख्य लॉबी, आलीशान रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, स्विमिंग पूल, अंडरग्राउंड पार्किंग, अतिथि कक्षों के गलियारों और अन्य सभी संवेदनशील स्थानों की आधुनिक उपकरणों से बारीकी से जांच की। एहतियात के तौर पर गेटवे ऑफ इंडिया और होटल के आसपास के पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर नाकाबंदी कर दी गई थी।
नवी मुंबई के तुर्भे से जुड़ा कॉल का कनेक्शन
करीब कई घंटे तक चले व्यापक सर्च ऑपरेशन के बाद जब जांच टीमों को कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला, तब प्रशासन ने राहत की सांस ली और कॉल को अफवाह घोषित किया। तकनीकी और साइबर जांच में सामने आया है कि यह धमकी भरा कॉल नवी मुंबई के तुर्भे इलाके से किया गया था। पुलिस ने कॉल में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और उसके सिम कार्ड धारक की पहचान कर ली है। आरोपी को दबोचने के लिए तुर्भे पुलिस की सहायता से क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम रवाना कर दी गई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इसके पीछे किसी मानसिक विक्षिप्त शरारती तत्व का हाथ है या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है।
26/11 के जख्मों के कारण अलर्ट पर मुंबई
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2008 में हुए 26/11 के भीषण मुंबई आतंकी हमले में ताज महल पैलेस होटल आतंकियों का मुख्य निशाना बना था, जहां कई बेगुनाह देसी-विदेशी मेहमानों और सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान गंवाई थी। यही वजह है कि इस ऐतिहासिक इमारत से जुड़ी किसी भी छोटी सी धमकी को भी सुरक्षा एजेंसियां अत्यंत संवेदनशील मानती हैं। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने आम नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शहर में पूरी तरह शांति व्यवस्था कायम है।


