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    ताड़पत्र में छिपे हैं जीवन के रहस्य, बिना जन्म विवरण भी मिल सकती है भविष्यवाणी

    नाड़ी ज्योतिष के बारे में यह जानकारी बहुत ही रोचक और ज्ञानवर्धक है। बिना जन्म समय और तारीख के भविष्य जानने की यह प्राचीन भारतीय तकनीक वास्तव में अद्भुत है। आपकी दी गई जानकारी को सरल शब्दों और स्पष्ट शीर्षकों के साथ यहाँ प्रस्तुत किया गया है:

    बिना जन्म तिथि के भी जान सकते हैं अपना भविष्य

    अक्सर माना जाता है कि कुंडली बनाने के लिए जन्म की सटीक तारीख और समय का होना अनिवार्य है, लेकिन भोपाल सहित देशभर में कई लोग ऐसे हैं जिन्हें अपनी जन्म घड़ी का पता नहीं होता। ज्योतिषशास्त्र में इसका एक बहुत ही प्राचीन और सटीक समाधान है, जिसे 'नाड़ी ज्योतिष' कहा जाता है। यह विधा उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो अपने अतीत, वर्तमान और भविष्य के बारे में जानना चाहते हैं लेकिन उनके पास जन्म कुंडली उपलब्ध नहीं है।

    क्या है नाड़ी ज्योतिष और इसकी उत्पत्ति?

    नाड़ी ज्योतिष को ज्योतिष विद्या का सबसे पुराना और रहस्यमयी रूप माना जाता है। इसकी शुरुआत महान ऋषि अगस्त्य मुनि ने की थी। माना जाता है कि उन्होंने हजारों साल पहले ताड़ के पत्तों पर लाखों लोगों का भविष्य लिख दिया था। इस विद्या का मुख्य केंद्र तमिलनाडु का 'वैथीस्वरन कोइल' मंदिर है। यहाँ आज भी ताड़ के पत्तों (ताड़पत्रों) के विशाल संग्रह सुरक्षित रखे गए हैं, जिनमें लोगों के जीवन की हर छोटी-बड़ी जानकारी पहले से ही दर्ज है।

    अंगूठे के निशान से खुलते हैं भविष्य के पन्ने

    नाड़ी ज्योतिष की सबसे अनूठी बात यह है कि इसकी प्रक्रिया अंगूठे के निशान से शुरू होती है। इसमें पुरुषों के दाएं हाथ और महिलाओं के बाएं हाथ के अंगूठे का निशान लिया जाता है। अंगूठे के निशानों को 108 अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। निशान लेने के बाद ज्योतिषाचार्य उसका मिलान ताड़पत्रों के बंडलों से करते हैं। इन पत्तों पर व्यक्ति का नाम, उसके माता-पिता का नाम, व्यवसाय, विवाह और यहाँ तक कि उसके पूर्वजन्म का लेखा-जोखा भी प्राचीन तमिल भाषा में लिखा होता है।

    ताड़पत्रों से सटीक भविष्यवाणी का तरीका

    जब अंगूठे के निशान के आधार पर सही बंडल मिल जाता है, तब ज्योतिषाचार्य आपसे कुछ सरल सवाल पूछते हैं जिनका जवाब केवल 'हाँ' या 'ना' में देना होता है। जैसे— क्या आपके नाम का पहला अक्षर 'स' है? क्या आपकी दो बहनें हैं? जब आपके सभी जवाब किसी एक विशिष्ट पत्ते से पूरी तरह मेल खा जाते हैं, तो उसे ही आपका मुख्य पत्ता मान लिया जाता है। इसके बाद ज्योतिषी उस पर लिखी ग्रहों की स्थिति और भविष्यवाणियों को पढ़कर आपके करियर, स्वास्थ्य और परिवार से जुड़े हर सवाल का जवाब देते हैं।

     

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