More
    Homeदेशदूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर के कुएं का पानी बदलता है रंग, रावण...

    दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर के कुएं का पानी बदलता है रंग, रावण से जुड़ी है मान्यता 

    गाजियाबाद। फाल्गुन महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना की गई है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर में भक्तों की खासी भीड़ से इस दिन विशेष रौनक देखने को मिली है। मान्यता है कि यहां अर्जी लगाने मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर परिसर में मौजूद कुआं भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।  
    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मंदिर परिसर में स्थित एक प्राचीन कुआं भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है। मान्यता है कि इस कुएं का जल दिन में तीन बार रंग बदलता है। यह कुआं मंदिर के राम भवन में स्थित है और इसके चारों ओर गणेश-लक्ष्मी, अन्नपूर्णा, राधा-कृष्ण सहित कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित हैं। महाशिवरात्रि के दिन यहां दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं और मंदिर के साथ-साथ इस चमत्कारी कुएं के दर्शन भी करते हैं।
    लोककथाओं के अनुसार, यह मंदिर अत्यंत प्राचीन है और इसका संबंध लंकापति रावण के काल से जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि पुलस्त्य मुनि के पुत्र और रावण के पिता विश्वश्रवा ने यहां कठोर तप किया था। मान्यता यह भी है कि रावण ने स्वयं इस स्थान पर भगवान शिव की आराधना की थी। यहां प्रतिष्ठित हिरण्यगर्भ ज्योतिर्लिंग स्वयंभू रूप में लगभग साढ़े तीन फीट नीचे स्थित बताया जाता है। पास से बहने वाली हरनंदी नदी को आज हिंडन नदी के नाम से जाना जाता है। 
    मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार एक विशाल पत्थर को काटकर बनाया गया है। उसी पत्थर को तराशकर बीच में भगवान गणेश की प्रतिमा उकेरी गई है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस भव्य मंदिर का निर्माण छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा करवाया गया था, जिससे इसकी ऐतिहासिक महत्ता और बढ़ जाती है। 

    गाय से जुड़ी कथा
    दूधेश्वर महादेव नाम के पीछे भी एक प्रसिद्ध कथा है। कहा जाता है कि पास के कैला गांव की गायें एक टीले पर पहुंचकर अपने आप दूध बहाने लगती थीं। जब ग्रामीणों ने उस स्थान की खुदाई की तो वहां शिवलिंग प्रकट हुआ। गायों के दूध से अभिषेक होने के कारण इसका नाम ‘दूधेश्वर’ या ‘दुग्धेश्वर’ महादेव पड़ा।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here