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    सीधी में पहली बार गूंजी रेलवे इंजन की सीटी, देखने गिरते-पड़ते दौड़े आए लोग, जल्द दौड़ेगी ट्रेन

    सीधी: शनिवार का दिन सीधी के लिए ऐतिहासिक रहा. पहली बार यहां की धरती पर भारतीय रेलवे की सीटी गूंजी. शाम करीब 4 बजे जैसे की रामपुर नैकिन रेलवे स्टेशन पर ट्रायल रन के लिए रेलवे का इंजन पहुंचा आसपास के लोग इसे देखने दौड़ पड़े. यहां के लोग दशकों से जिस सपने को देख रहे थे अब उन्हें वो साकार होता दिखाई दे रहा है. सीधी में रेल नेटवर्क न होने के कारण यहां के लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए पड़ोस के जिलों शहडोल या रीवा जाना पड़ता था, लेकिन अब बस कुछ दिन का और इंतजार है और वो अपने जिले से ही ट्रेन में सवार होकर अपने गंतव्य की यात्रा कर सकेंगे.

    सीधी से पड़खुरी तक किया गया सफल ट्रायल रन

    दरअसल, सीधी में अभी तक रेलवे ट्रैक नहीं है जिस वजह से यहां से ट्रेन नहीं चलती. इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश के ललितपुर से सिंगरौली तक रेल ट्रैक बिछाया जा रहा है जो सीधी से होकर गुजर रहा है. इस रेल लाइन की लंबाई 540 किलोमीटर है. जिसमें सीधी से सिंगरौली तक कुल 80 किलोमीटर का रेलवे ट्रैक निर्माण होना है. इसमें से सीधी के ग्राम पड़खुरी तक पटरी बिछाने का कार्य पूरा किया जा चुका है. रेलवे विभाग ने शनिवार को इस खंड पर सफल ट्रायल किया. इसके लिए ट्रेन की इंजन का इस ट्रैक पर ट्रायल रन किया गया जो सफल रहा.

    स्थानीय लोगों के लिए त्योहार जैसा ये दिन

    स्थानीय निवासी अशोक तिवारी इस सफल ट्रायल रन पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहते हैं कि "हमने कभी सोचा नहीं था कि हमारे गांव तक ट्रेन पहुंचेगी. यह हमारे लिए किसी त्योहार से कम नहीं है. आज का दिन हमेशा याद रहेगा." रेलवे जोन के जीएम सिद्धार्थ पटेल ने बताया कि "फिलहाल ट्रायल का दौर चल रहा है. जहां तक पटरी बिछ रही है, वहां तक ट्रायल किया जाएगा और अधूरे कामों को तेजी से पूरा करने का लक्ष्य है. बहुत जल्द सीधी मुख्यालय तक ट्रेन पहुंचेगी, जिससे जिले की कनेक्टिविटी और विकास की राह मजबूत होगी."

    1985 में शुरू हुई थी परियोजना

    गौरतलब है कि अभी तक सीधी रेल सुविधा से वंचित है. यहां के लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए रीवा या शहडोल जाना पड़ता है. करीब 40 वर्ष पहले साल 1985 में ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना की आधारशिला रखी गई थी. हालांकि इसका काम आगे नहीं बढ़ा और ये परियोजना अधर में लटक गई.

    साल 2016 के बाद रेल लाइन निर्माण के लिए भू-अधिग्रहण समेत अन्य प्रक्रिया में गति आई. तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने सीधी में रेल लाइन और रेलवे स्टेशन के निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया था, तब से लेकर आज तक निरंतर कार्य जारी है.

     

     

      रेलवे शुरू होने से क्या होगा फायदा?

      सीधी में रेल सेवा शुरू होने से जिले के विकास को तेज रफ्तार मिलेगी. इससे न केवल यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी बल्कि व्यापार और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा. माल गाड़ियों के संचालन से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. किसानों की फसल, स्थानीय खनिज और अन्य उत्पाद आसानी से बड़े बाजारों तक पहुंच सकेंगे. प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर सीधी में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

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