More
    Homeधर्म-समाजमहाबली रावण का ये स्तोत्र पैसों से भर देगा घर, अक्षय धन...

    महाबली रावण का ये स्तोत्र पैसों से भर देगा घर, अक्षय धन के लिए इसका पाठ जरूरी

    माघ मास में भगवान शिव की पूजा अर्चना, पूजा पाठ, व्रत, धार्मिक यात्रा आदि करने का विशेष महत्त्व है. अगर माघ मास में कुछ खास तिथि पर भगवान शिव के स्तोत्र, मंत्र आदि का पाठ किया जाए तो साधकों को कई गुना फल मिलता है. शिव महापुराण और दूसरे धार्मिक ग्रंथों में भगवान शिव के अनेक शक्तिशाली और मनोकामना पूर्ति के स्तोत्रों का वर्णन किया गया है. माघ मास भगवान शिव को बेहद ही प्रिया और समर्पित मास है. इस मास के पहले प्रदोष व्रत यानी त्रयोदशी तिथि पर एक खास स्तोत्र का पाठ किया जाए तो साधक को अपार धन की प्राप्ति, विद्या की प्राप्ति, बल की प्राप्ति हो जाने की मान्यता है. पहले प्रदोष व्रत पर किस स्तोत्र के पाठ से अपार धन की प्राप्ति होगी, चलिए विस्तार से जानते हैं.

    माघ मास भगवान शिव को समर्पित मास है. इस मास में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष का आगमन होता है, जिसमें त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत करने का विधान है. माघ मास में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव की विशेष आराधना करने पर मनवांछित फल की प्राप्ति हो जाती है. कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर यदि महाबली, राक्षस राजा और भगवान शिव के परम भक्त महाराजा रावण रचित ‘शिव तांडव’ स्तोत्र का पाठ तीन समय सुबह (ब्रह्म मुहूर्त), दोपहर और प्रदोष काल में किया जाए तो अपार धन, विद्या बुद्धि, बल आदि सभी की प्राप्ति होने की धार्मिक मान्यता है. शिव तांडव स्तोत्र बेहद ही शक्तिशाली स्त्रोत है, जिसमें भगवान शिव का वर्णन किया गया है.

    बनेंगे रुके हुए काम
    शिव तांडव स्तोत्र का वर्णन कई धार्मिक ग्रंथों में किया गया है. इस स्तोत्र का पाठ दिन में एक बार, दो बार या तीन बार कर सकते हैं. इससे सभी कार्यों में सफलता और रुके हुए कार्यों में प्रगति आती है. शिव तांडव स्तोत्र का वर्णन शिव महापुराण और उत्तर रामायण आदि ग्रंथों में विशेष तौर पर आता है. माघ मास कृष्ण पक्ष की त्रियोदशी तिथि पर इस स्तोत्र का पाठ भगवान शिव का गंगाजल, दूध, दही, बेल पत्र, तिल, जौ, शहद आदि सामग्री से अभिषेक करने के बाद किया जाए तो धन का आगमन बना रहता है. साल 2026 में माघ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 जनवरी बृहस्पतिवार की रात 08:17 से शुरू होकर 16 जनवरी शुक्रवार की रात 10:21 तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार 16 जनवरी को माघ मास का पहला प्रदोष व्रत किया जाएगा.

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here