जयपुर। आईपीएल सीजन में मैचों के टिकटों की जबरदस्त मांग का फायदा उठाकर साइबर अपराधी निर्दोष प्रशंसकों को निशाना बना रहे हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वी.के. सिंह के निर्देश पर पुलिस ने आमजन को इन जालसाजों के नए हथकंडों से बचने की सलाह दी है।
ठगों के निशाने पर क्रिकेट प्रेमी: इन 5 तरीकों से हो रही है ठगी
- फर्जी वेबसाइट (Phishing): ठग असली टिकट बुकिंग साइट्स जैसी दिखने वाली 'क्लोन वेबसाइट' बना रहे हैं। इनके यूआरएल (URL) में बहुत मामूली फर्क होता है जिसे पहचानना मुश्किल होता है।
- फर्जी गूगल विज्ञापन: गूगल सर्च पर 'Buy IPL Tickets' ढूंढने पर अपराधी पैसे देकर अपने फर्जी लिंक को सबसे ऊपर दिखाते हैं। यूजर इन्हें असली समझकर पेमेंट कर बैठता है।
- सोशल मीडिया के झांसे: इंस्टाग्राम, फेसबुक और टेलीग्राम पर 'VIP पास' और 'कन्फर्म टिकट' के नाम पर लुभावने विज्ञापन चलाए जा रहे हैं।
- नकली QR कोड और ई-टिकट: पैसे लेने के बाद ठग व्हाट्सएप पर फर्जी टिकट भेज देते हैं, लेकिन स्टेडियम पहुंचने पर वे स्कैन नहीं होते और प्रशंसकों को प्रवेश नहीं मिल पाता।
- मनोवैज्ञानिक दबाव: "जल्द करें, केवल 2 टिकट शेष" जैसे मैसेज भेजकर ग्राहकों को जल्दबाजी में भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता है।
सुरक्षित रहने के लिए पुलिस के सुझाव
- पुलिस अधीक्षक (साइबर क्राइम) शान्तनु कुमार सिंह ने प्रशंसकों से अपील की है कि:
- टिकट हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या फ्रैंचाइजी द्वारा अधिकृत पार्टनर प्लेटफॉर्म से ही खरीदें।
- वेबसाइट के यूआरएल की सावधानी से जांच करें और सुनिश्चित करें कि वहां https:// और 'लॉक' का निशान मौजूद हो।
- किसी भी अनजान व्यक्ति या सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा करके सीधे बैंक ट्रांसफर न करें।
ठगी होने पर क्या करें?
राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह बिना देरी किए:
- तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- या cybercrime.gov.in पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।


