More
    Homeदेशस्वर्ण मंदिर को उड़ाने की धमकी फिर से, SGPC और पुलिस सतर्क

    स्वर्ण मंदिर को उड़ाने की धमकी फिर से, SGPC और पुलिस सतर्क

    ईमेल में लिखा- पाइपों में आरडीएक्स भरकर किए जाएंगे धमाके 

    अमृतसर। पंजाब में स्वर्ण मंदिर को लगातार तीसरे दिन बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ईमेल पर मिली। ईमेल में दावा किया गया कि पाइपों में आरडीएक्स भरकर मंदिर के अंदर धमाके किए जाएंगे। हालांकि सुरक्षा कारणों से मेल में लिखे गए शब्दों को सार्वजनिक नहीं किया गया है। जांच के लिए डॉग और बम स्क्वायड मौके पर पहुंच गए।
    वहीं, एसजीपीसी और अमृतसर पुलिस भी अलर्ट पर है। बीएसएफ और पुलिस कमांडो तैनात किए गए हैं। हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इससे पहले, सोमवार और मंगलवार को भी मंदिर को उड़ाने की धमकी मिली थी। एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि 15 जुलाई को दूसरी ईमेल केरल के सीएम और पूर्व चीफ जस्टिस की फेक आईडी से भेजी गई थी। बुधवार सुबह आसिफ कपूर नाम के ईमेल एड्रेस से ईमेल आई। ये ईमेल सीएम भगवंत मान को भी भेजी गई।
    हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि पिछले लंबे समय से हमारे आस्था के केंद्र स्वर्ण मंदिर को टारगेट किया जा रहा। 1984 में श्री दरबार साहिब का बहुत नुकसान हुआ था। गुरुओं द्वारा दिए गए उपदेश कुछ लोगों को अच्छे नहीं लग रहे। धामी ने कहा कि अगर सांसदों और मुख्यमंत्रियों को ऐसे ईमेल भेजे गए तो सरकार ने इस पर अभी तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। सिख संगत का यह केंद्रीय संस्थान है और ऐसी आस्था के केंद्र की सुरक्षा कैसे दांव पर लगाई जा सकती है। कहीं दरबार साहिब में संगत के आवागमन को कम करने की कोई कोशिश तो नहीं हो रही है। जांच होनी चाहिए।
    एसजीपीसी सचिव ने कहा कि कुछ शरारती तत्वों की तरफ से धमकी दी गई है कि स्वर्ण मंदिर को बम से उड़ा दिया जाएगा। ये जो धमकी दे रहे हैं। उनका कोई धर्म नहीं होता। ये लोगों में डर की भावना पैदा करने के लिए ऐसा करते हैं। उन्होंने कहा कि संगत पहले की तरह ही माथा टेकने आ रही है। गुरुघर में कीर्तन सुन रहे हैं। संगत से विनती है कि ये गुरुओं का दर है और यहां ऐसा सोचना भी पाप है। जिसने भी ये धमकी दी है, ये सरकारों का काम है कि वे उसे ट्रेस करे और सख्त से सख्त सजा दे। उन्होंने कहा कि इस स्थान पर शांति और एकता का संदेश मिलता है। यहां हर धर्म के लोग आकर नतमस्तक होते हैं। ये धर्म से तोड़ने की और एकता को खंडित करने की साजिश है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here