बूंदी। राजस्थान के बूंदी जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम देते हुए वन विभाग के तीन कर्मियों को घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। ब्यूरो की इस औचक कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कोटा इकाई ने इस पूरी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान विभाग में तैनात तीन वन रक्षकों (फॉरेस्ट गार्ड) को परिवादी से 10 हजार रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए मौके पर ही धर दबोचा गया। वहीं, संदेह के घेरे में आए एक अन्य वन रक्षक को भी ब्यूरो की टीम ने हिरासत में लिया है, जिससे इस पूरे मामले के संदर्भ में गहन पूछताछ की जा रही है।
जेसीबी संचालन और अनुमति के नाम पर वसूली
शुरुआती जांच और इनपुट के अनुसार, वन विभाग के इन कर्मचारियों द्वारा यह अवैध राशि किसी विशिष्ट कार्य को निर्बाध रूप से संपन्न करने के एवज में मांगी जा रही थी। प्राथमिक रूप से यह बात सामने आई है कि पूरा विवाद क्षेत्र में जेसीबी मशीन के संचालन और उससे जुड़ी कुछ अन्य विभागीय अनुमतियां जारी करने से संबंधित था। बहरहाल, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की विशेष टीम इस पूरे मामले के हर पहलू और कड़ियों की विस्तृत जांच करने में जुटी हुई है ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
ब्यूरो ने बिछाया जाल और रंगे हाथों दबोचे आरोपी
एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, पीड़ित पक्ष द्वारा इस संबंध में ब्यूरो को एक गोपनीय शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत का प्रारंभिक सत्यापन कराने के बाद ब्यूरो के आला अफसरों के निर्देशन में एक फुलप्रूफ रणनीति तैयार की गई और जाल बिछाया गया। जैसे ही तय योजना के अनुसार आरोपियों ने रिश्वत की रकम का लेन-देन पूरा किया, वहां पहले से घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने तुरंत दबिश देकर उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया और रिश्वत की राशि बरामद कर ली।
महकमे में खलबली और कड़ा संदेश
इस बड़ी ट्रैप कार्रवाई के बाद से वन विभाग के स्थानीय कार्यालयों और अधिकारियों के बीच भारी हलचल देखी जा रही है। एसीबी ने इस पूरे नेक्सस को तोड़ने के लिए संबंधित कनिष्ठ और वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ब्यूरो के अधिकारियों ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि लोक सेवकों द्वारा किए जाने वाले किसी भी स्तर के भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध वसूली के खेल में विभाग के कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हैं।


