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    धान की रोपनी से पहले मातम, खेत में करंट फैलने से 19 वर्षीय युवक की जान गई

    नरकटियागंज| बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के अंतर्गत आने वाले नरकटियागंज क्षेत्र से एक बेहद ही हृदयविदारक और दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है। मानसून की आहट के साथ ही जहाँ एक तरफ किसान अपने खेतों को हरा-भरा करने और धान की रोपनी की तैयारियों में जुटे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ एक छोटी सी लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार के चिराग को हमेशा के लिए बुझा दिया। अपने खेतों की सिंचाई के लिए मोटर पंप चालू करने गए एक 19 वर्षीय नवयुवक को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस बिजली के तार को वह खेत तक खींचकर ला रहा है, वही तार उसकी जिंदगी की आखिरी डोर साबित होगा। खेत में काम करने के दौरान अचानक पैर में खुले बिजली के तार के उलझ जाने से वह बेहद शक्तिशाली और खतरनाक करंट की चपेट में आ गया। मौके पर मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते और उसे चिकित्सा सहायता दिला पाते, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके और चमुआ गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

    धान की रोपनी के लिए चल रही थी सिंचाई, इसी दौरान काल बनकर दौड़ा करंट

    स्थानीय सूत्रों और शिकारपुर थाना पुलिस से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह पूरी दर्दनाक घटना शिकारपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चमुआ गांव के पास स्थित सैदपुर सरेह (खेतों का इलाका) में घटित हुई। शुक्रवार के दिन अन्य दिनों की तरह ही खेतों में कृषि कार्य तेजी से चल रहा था। चमुआ गांव के रहने वाले बंधु राम का 19 वर्षीय पुत्र अजय कुमार अपने खेतों को धान की बुवाई के लिए तैयार करने के उद्देश्य से पानी डाल रहा था। खेत में पानी भरने के लिए उसने पास के बिजली पोल से अस्थाई तौर पर तार खींचकर मोटर पंप को चालू किया था। इसी दौरान सिंचाई करते समय अचानक उसका पैर पानी और कीचड़ के बीच छिपे हुए लाइव इलेक्ट्रिक वायर (चालू बिजली के तार) पर पड़ गया। करंट इतना भयानक था कि अजय को संभलने का एक पल भी मौका नहीं मिला और वह वहीं अचेत होकर गिर पड़ा।

    अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही थमीं सांसें, पूरे ग्रामीण अंचल में पसरा मातम

    खेतों में काम कर रहे आस-पास के अन्य ग्रामीणों ने जब अजय को इस हालत में देखा, तो उन्होंने तुरंत हिम्मत दिखाते हुए सूखी लकड़ियों के सहारे उसे तार से अलग किया और घटना की सूचना उसके परिजनों को दी। बदहवास परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में अजय को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए दौड़े। लेकिन करंट का झटका इतना तगड़ा था कि अस्पताल की दहलीज पार करने से पहले ही रास्ते में अजय की सांसें हमेशा के लिए थम गईं। डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे 'ब्रॉट डेड' यानी मृत घोषित कर दिया। 19 साल के इकलौते कमाऊ बेटे की इस तरह अचानक हुई मौत की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, पूरे चमुआ गांव के लोग स्तब्ध रह गए और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, कृषि कार्य के दौरान सुरक्षा बरतने की अपील

    हादसे की सूचना मिलते ही शिकारपुर थाने की पुलिस टीम तुरंत अस्पताल और बाद में घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में ले लिया है और पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला पूरी तरह से करंट लगने के कारण हुई दुर्घटना का है, फिर भी मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। इस दुखद घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने क्षेत्र के तमाम किसान भाइयों से यह विशेष अपील की है कि बरसात के इस मौसम में खेतों की सिंचाई करते समय या मोटर चलाते समय बिजली के तारों और जोड़ों की अच्छी तरह जांच कर लें। कटिंग वाले और खुले तारों का उपयोग खेतों में बिल्कुल न करें, क्योंकि थोड़ी सी भी असावधानी इस तरह के जानलेवा हादसों का कारण बन सकती है।

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