जयपुर। राज्य सरकार प्रदेश में टाइप—1 डायबिटीज के उपचार और सिकल सेल एनीमिया प्रबंधन को और सुदृढ़ करेगी। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में सचिवालय में सोमवार को आयोजित बैठक में इस संबंध में चर्चा की गई। भारत सरकार के पूर्व स्वास्थ्य सचिव श्री राजेश भूषण (आईएएस सेवानिवृत्त), निदेशक कॉर्पोरेट अफेयर्स श्री दिवाकर मित्तल तथा नोवो नॉर्डिस्क संस्था के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में डायबिटीज, बच्चों में बढ़ता मोटापा तथा सिकल सेल एनीमिया के समग्र प्रबंधन के एकीकृत मॉडल पर विचार विमर्श किया गया।
मुख्य सचिव ने राज्य में टाइप-1 डायबिटीज के प्रभावी प्रबंधन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा बांसवाड़ा, डूंगरपुर एवं प्रतापगढ़ जैसे जनजातीय जिलों में सिकल सेल एनीमिया कार्यक्रम को प्राथमिकता के साथ सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीपीपी मोड पर काम करते हुए राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच एवं गुणवत्ता दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है।
बैठक में टाइप—1 डायबिटीज के प्रभावी उपचार के लिए प्रदेश में प्रारंभ किए गए नवाचार ‘मिशन मधुहारी’ को सुदृढ़ करने के लिए सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल पर कार्य करने की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। साथ ही सिकल सेल एनीमिया के लिए हब एंड स्पोक मॉडल अपनाने पर चर्चा की गई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने टाइप—1 डायबिटीज के प्रभावी उपचार एवं सिकल सेल एनीमिया प्रबंधन की दिशा में चिकित्सा विभाग की ओर से किए गए प्रयासों की जानकारी दी।
बैठक में मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. अमित यादव, निदेशक (आरसीएच) डॉ. मधु रतेश्वर तथा नोवो नॉर्डिस्क इंडिया की ओर से मैनेजिंग डायरेक्टर श्री विक्रांत श्रोत्रिय मौजूद थे।


