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    उज्जैन-कोटा MEMU ट्रेन शुरू, श्रद्धालुओं की यात्रा अब और सुविधाजनक

    उज्जैन/नागदा। राजस्थान के कोटा और मध्य प्रदेश के नागदा व उज्जैन के बीच दैनिक सफर करने वाले हजारों यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही बड़ी मांग आखिरकार पूरी हो गई है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने इस रूट पर नियमित, सुलभ और बेहद किफायती यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक नई मेमू (MEMU – Mainline Electric Multiple Unit) ट्रेन सेवा का संचालन शुरू कर दिया है।

    नागदा रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान उज्जैन-आलोट क्षेत्र के सांसद अनिल फिरोजिया और स्थानीय विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    कोटा-उज्जैन MEMU ट्रेन का शेड्यूल (समय-सारणी)

    रेलवे प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक समय-सारणी के अनुसार, यह ट्रेन दोनों दिशाओं से प्रतिदिन (रोजाना) संचालित की जाएगी:

    • ट्रेन नंबर 61624 (कोटा से उज्जैन): यह ट्रेन प्रतिदिन सुबह 05:40 बजे कोटा स्टेशन से रवाना होगी और दोपहर 12:00 बजे बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंचेगी।

    • ट्रेन नंबर 61623 (उज्जैन से कोटा): वापसी में यह ट्रेन रोजाना दोपहर 12:30 बजे उज्जैन से छूटेगी और शाम 07:05 बजे कोटा रेलवे स्टेशन पहुंचेगी।

    इन स्टेशनों पर मिलेगी कनेक्टिविटी: यह मेमू ट्रेन दोनों बड़े शहरों के बीच स्थित कई छोटे और महत्वपूर्ण स्टेशनों को आपस में जोड़ेगी। यह मार्ग में नागदा, भाटीसुड़ा, पिपलोदा बागला, उन्हेल, पलसोदा मकडावन, असलावदा और नईखेड़ी जैसे स्टेशनों पर रुकते हुए जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अब बड़े शहरों तक पहुंचने के लिए ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    महाकाल दर्शन और स्थानीय व्यापार को लगेगा पंख

    उज्जैन देश के सबसे प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्रों में से एक है, जहां प्रतिदिन देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन और भस्म आरती के लिए आते हैं। इस नई ट्रेन के शुरू होने से राजस्थान (विशेषकर कोटा-हाड़ौती क्षेत्र) और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं की धार्मिक यात्रा बेहद सुगम और सस्ती हो जाएगी। इसके अलावा, कोटा (एजुकेशन हब) और उज्जैन दोनों ही व्यापार और शिक्षा के बड़े केंद्र हैं। इस नियमित रेल सेवा से:

    1. छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को राहत: प्रतिदिन अप-डाउन करने वाले छात्रों, व्यापारियों और दैनिक श्रमिकों का कीमती समय बचेगा।

    2. आर्थिक बचत: मेमू ट्रेनों का किराया सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में काफी कम होता है, जिससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।

    3. नागदा में नहीं भटकना होगा: पहले इस रूट के यात्रियों को नागदा स्टेशन पर उतरकर दूसरी ट्रेनों का घंटों इंतजार करना पड़ता था, जिससे अब पूरी तरह से निजात मिल जाएगी।

    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह नई मेमू सेवा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। यदि इस रूट पर यात्रियों का प्रतिसाद (सकारात्मक प्रतिक्रिया) और संख्या लगातार बढ़ती रही, तो भविष्य में फेरों की संख्या बढ़ाने और अतिरिक्त सुविधाएं देने पर भी विचार किया जाएगा।

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