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    अनोखा ग्रीन कॉरिडोर: 14 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, 7 घंटे का सफर घटकर 2.30 घंटे

    100 की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन, जानवर भी सुरक्षित

    देहरादून। पहाड़ों के बीच सिंगल लेन सड़क पर सामने से अचानक हाथियों का झुंड आने से पीछे गाड़ियों को लंबा जाम लगाता था, कभी उफनती नदी…..तब कभी शिवालिक पहाड़ियों से गिरता मलबा सड़क पर जमा लगा देता था। पहले ऐसा ही नजारा दिखाता था दिल्ली से देहरादून रोड पर आने वाला मोहंड बेल्ट पर। 210 किमी लंबे और तीन राज्यों से गुजरने वाले इस एक्सप्रेस-वे का 20 किमी का हिस्सा राजाजी टाइगर रिजर्व में आता है। लेकिन यह हिस्सा अब पूरी तरह बदल चुका है।
    अब मोहंड घाटी के ऊपर बने एलिवेटेड कॉरिडोर से गाड़ी 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बिना ब्रेक, बिना जाम दौड़ रही हैं और नीचे हाथियों का झुंड आराम से गुजर रहा है। 20 किमी लंबे हिस्से में एलिवेटेड पार्ट 12 किमी का है। यह ग्रीन कॉरिडोर पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन का बेहतरीन मिसाल बना है। इस शानदार एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी करने वाले है। 
    मोहंड घाटी जिस बरसाती नदी से घिरती थी, वहां अब नजर नहीं आती, क्योंकि उस नदी को एलिवेटेड रोड के नीचे से निकाला गया है। सड़क को 35-40 फीट ऊपर, 400 से ज्यादा पिलर्स पर खड़ा किया गया है, ताकि नदी का बहाव, जानवरों के झुंड और विकास तीनों बिना रुकावट चलते रहें।
    राजाजी टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर बताते हैं कि 14 हजार करोड़ रुपए में बने एक्सप्रेस-वे का 12 किमी का हिस्सा एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर है। तस्वीरें इस बात का संकेत हैं कि जानवर इसके नीचे से सुरक्षित निकल रहे हैं। ऊपर से भारी वाहन 80 की स्पीड में बाएं और हल्के वाहन 100 की स्पीड पर दाएं चलने वाले है। 
    पे-पर-यूज टोल सिस्टम, टोल पारंपरिक नाकों वाला नहीं, बल्कि क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम होगा। एंट्री-एग्जिट के आधार पर दूरी के हिसाब से शुल्क कटेगा। फास्टैग से बिना रुके भुगतान, जाम की समस्या नहीं। सहारनपुर के कुम्हारहेड़ा में एक टोल प्लाजा पहले से सक्रिय, बाकी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर टोल गेट्स।
    इस शानदार एक्सप्रेसवे के बनने से सफर तेज, खर्च कम होगा। 6-7 घंटे का सफर अब 2.5-3 घंटे में, दूरी 260 किमी से 210 किमी होगी। 20 किमी जोखिम भरा पहाड़ी रास्ता अब 12 किमी एलिवेटेड, एक्सीडेंट रिस्क कम होगा। इतना ही नहीं सालाना 93 लाख किलो कार्बन उत्सर्जन घटेगा। इस एक्सप्रेसवे के बनने से पर्यटन, व्यापार को बूस्ट मिलेगा। हरिद्वार-ऋषिकेश-देहरादून का सफर आसान, छुटमलपुर इंटरचेंज से लॉजिस्टिक्स तेज। पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। वहीं बागपत, शामली, सहारनपुर जैसे शहरों में एक्सप्रेसवे पर नए ग्रोथ हब के रुप में विकसित होने वाले है। 
     

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