मोहाली/चंडीगढ़: देश भर में जहां 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा है, वहीं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी संभावित बवाल या उपद्रव की आशंका के चलते लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हैं और सड़कों पर निकलने से भी कतरा रहे हैं।
गवर्नर हाउस घेराव की चेतावनी और बॉर्डर पर रोके गए प्रदर्शनकारी
बंदी सिखों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा की पैरोल की प्रमुख मांगों को लेकर 'कौमी इंसाफ मोर्चा' ने गवर्नर हाउस के घेराव का ऐलान किया है। मोर्चे के समर्थक मोहाली में दाखिल हो चुके हैं और चंडीगढ़ की तरफ कूच करने की पूरी तैयारी में हैं। प्रदर्शनकारी पूरी तैयारी के साथ उतरे हैं, जिनमें घोड़ों पर सवार निहंग सिख भी शामिल हैं, जो अपने साथ बाज भी लेकर आए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चंडीगढ़ बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया है।
यात्रियों को हो रही भारी परेशानी
बॉर्डर सील होने और भारी प्रदर्शन के कारण पंजाब और हिमाचल प्रदेश की ओर से आने वाली बसें चंडीगढ़ में प्रवेश नहीं कर पा रही हैं। यात्रियों को राज्य की सीमाओं पर ही उतारा जा रहा है, जिससे आम लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस और सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा
कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी तरह के दंगे या उपद्रव को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वजре वाहन (रॉयट कंट्रोल व्हीकल) और वॉटर कैनन भी मौके पर पूरी तरह तैयार रखे गए हैं।


