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    Homeराज्यमध्यप्रदेशसहारा निवेश घोटाले पर सदन में हंगामा, जयवर्धन सिंह का बड़ा आरोप

    सहारा निवेश घोटाले पर सदन में हंगामा, जयवर्धन सिंह का बड़ा आरोप

    MP Budget Session: मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रश्नकाल में सहारा समूह से जुड़े निवेशकों की राशि वापसी का मामला जोरदार तरीके से उठा. कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि सहारा ने प्रदेश के निवेशकों के 6 हजार 689 करोड़ रुपये “डकार” लिए, लेकिन अब तक महज 355 करोड़ रुपये ही लौटाए गए हैं. जवाब में राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि इस मामले में 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं.

    छोटे निवेशकों ने अपनी गाढ़ी कमाई निवेश की थी-जयवर्धन सिंह

    उन्होंने कहा कि छोटे निवेशकों ने अपनी गाढ़ी कमाई निवेश की थी और प्रकरण उच्च न्यायालय में रिट याचिकाओं के रूप में भी विचाराधीन रहा है. मंत्री के अनुसार, सभी एफआईआर मुरैना में दर्ज कर मुख्य प्रकरण में मर्ज की गई हैं. अब तक 355 करोड़ रुपये निवेशकों को वितरित किए जा चुके हैं.इस पर जयवर्धन सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि पिछले छह वर्षों में कुल 123 एफआईआर दर्ज हुईं, जिनमें से कई लंबित हैं और गृह विभाग के पास समुचित जानकारी तक उपलब्ध नहीं है. उन्होंने कहा कि कुल राशि की तुलना में रिकवरी मात्र 5 प्रतिशत है और सरकार स्पष्ट करे कि शेष राशि की वसूली के लिए क्या ठोस योजना है.मंत्री ने जवाब दिया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत कार्रवाई की जा रही है. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मामला न्यायिक प्रकृति का है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में ही सभी निर्णय लिए जा रहे हैं. शासन की अपनी सीमाएं हैं और कार्रवाई न्यायालय के आदेशों के अनुरूप ही होगी.

    पत्रकार सुरक्षा कानून पर सरकार का जवाब

    प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक विपिन जैन ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की समयसीमा पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि आखिर प्रदेश में यह कानून कब तक लागू होगा. इस पर मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मोहन सरकार पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. कानून बनाने के लिए अन्य राज्यों के प्रावधानों का अध्ययन किया जा रहा है. विषय विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा रहा है और प्रशासनिक स्तर पर मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया जारी है.

    निराश्रित पशुओं से फसल और सड़क सुरक्षा पर संकट

    ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल ने प्रदेश में निराश्रित पशुओं की समस्या उठाई. उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं से किसानों की फसलें नष्ट हो रही हैं और नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित हो रहा है. सड़कों पर पशुओं के कारण जान-माल की हानि हो रही है, लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा.
    जवाब में मंत्री लखन पटेल ने कहा कि नगरीय प्रशासन द्वारा सतत कार्रवाई की जा रही है. सड़कों पर घूमने वाले पशुओं के मालिकों पर 25 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है.

    प्रदेश की गौशालाओं में चार लाख से अधिक मवेशी आश्रित-लखन पटेल

    प्रदेश की गौशालाओं में चार लाख से अधिक मवेशी आश्रित हैं. राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, चयनित स्थानों पर गौशालाएं चिन्हित की गई हैं और हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है.

    पूरे प्रदेश में रात के समय गोवंश सड़कों पर नजर आता है-अजय सिंह राहुल

    इस पर अजय सिंह राहुल ने कहा कि पूरे प्रदेश में रात के समय गोवंश सड़कों पर नजर आता है और किसान रात भर टॉर्च लेकर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं. उन्होंने यह भी पूछा कि प्रदेश में कितनी गौशालाएं बंद पड़ी हैं और इस संबंध में स्पष्ट आंकड़े सदन में प्रस्तुत किए जाएं. उन्होंने सरकार से किसानों की फसल सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की.

     

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