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    युक्तियुक्तकरण पर उठे सवाल: नियम विरुद्ध ट्रांसफर पर बवाल, लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई?

    युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में नियम विरूद्ध जिले क 109 शिक्षकों को अन्य जिले ट्रांसफर कर दिया गया है। ऐसे में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

    कलेक्टर को सौपे ज्ञापन में शिक्षकों ने बताया कि युक्तियुक्तकरण की प्रकिया में घोर लापरवाही बरती गई है। शासन स्कूल शिक्षा विभाग के युक्तियुक्तकरण के संबंध में जारी निर्देशों की अवहेलना तो हुई ही है, साथ में छग शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों, संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों की भी धज्जियां उड़ाते हुए विकासखंड एवं जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा स्वेच्छाचारिता की गई है। इसके कारण जिले के शिक्षक मानसिक रूप से प्रताड़ित हैं।

    काउंसिलिंग के लिए जितने शिक्षक अतिशेष हैं, उतनी ही संख्या में शिक्षक विहीन, एकल शिक्षकीय एवं अधिक दर्ज संख्या वाले विद्यालयों को दर्शित किया जाए, किन्तु यहां यह ध्यान में रखा जाएगा कि सभी शिक्षक विहीन विद्यालयों एवं इसके बाद सभी एकल शिक्षकीय विद्यालयों को अनिवार्य रूप से दर्शित किया जाए। अधिक दर्ज संख्या वाले विद्यालयों को दर्शित किया जाए। इस निर्देश का पालन जांजगीर-चांपा जिला में नहीं किया गया है।

    कुल अतिशेष सहायक शिक्षक 435 तथा रिक्त पद 253 बताया गया एवं शेष पदों पर लेन-देन करने के उद्देश्य से प्रकाशित नहीं किया गया। असहमति वाले सहायक शिक्षकों को विकासखंड में पद रहते हुए भी अन्य विकासखंड में पदस्थ किया गया है, जो पूरी तरह से शासन के नियम के विरूद्ध है। नियम के मुताबिक विकासखंड स्तरीय समिति द्वारा दर्ज संख्या के अनुपात में विद्यालयवार सूची तैयार की गई। जिससे जिले में जितने अतिशेष शिक्षक चिन्हांकित थे, उतनी संख्या में पद उपलब्ध होने के बाद भी उन्हें जिले से बाहर भेज दिया।

    डीईओ द्वारा संभागीय कार्यालय को रिक्त पद की सूची उपलब्ध कराई गई है। पीड़ित शिक्षकों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई व 109 शिक्षकों की जिले में ही रिक्त पदों में पदांकन की मांग की गई है।

    अधिक दर्ज संख्या वाले स्कूलों को नहीं दिखाया रिक्त

    स्कूल – विकासखंड – दर्ज संख्या

    मीडिल स्कूल भोजपुर – बम्हनीडीह 231
    मीडिल स्कूल बिर्रा – बम्हनीडीह 281
    मीडिल स्कूल देवकिरारी – अकलतरा 213
    कन्या स्कूल पोड़ीदल्हा – अकलतरा 253
    मीडिल स्कूल बुड़गहन – अकलतरा 213

    शिक्षक सेटअप प्रक्रिया का पालन नहीं

    पूर्व माध्यमिक शालाओं में न्यूनतम 105 तक की दर्ज संख्या में 1 प्रधान पाठक सहित 3 शिक्षक पदांकित करने हैं। किन्तु जिला जांजगीर-चांपा में बहुत सारे ऐसे पूर्व माध्यमिक शाला है, जहां 105 तक की दर्ज संख्या में 1 प्रधानपाठक और सिर्फ 2 शिक्षक पदस्थ हैं। यहां नियमानुसार 1 शिक्षक की अतिरिक्त पदस्थापना करनी थी, जो कि नहीं की गई। 109 शिक्षकों को गलत तरीके से जिले से बाहर भेज दिया गया।

    मीडिल स्कूल खैजा विकासखंड बलौदा में सिर्फ 3 शिक्षक पदस्थ हैं। मीडिल स्कूल देवकोनी सेमरा विकासखंड नवागढ़ में सिर्फ 3 शिक्षक पदस्थ हैं। इसके अलावा ऐसे अनेक विद्यालय जिले में हैं, जिसमें शिक्षकों की कमी होने के बाद भी शिक्षक की पूर्ति नहीं की गई एवं जिले के शिक्षकों को विषयवार संभाग स्तर पर समायोजन के लिए भेजा गया है, जबकि छग राजपत्र अनुसार विषय बंधन समाप्त किया जा चुका है। इससे स्पष्ट है कि संदर्भित पत्र एवं छग राजपत्र 11 जुलाई 2023 का उल्लंघन किया गया।

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