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    यूएस बजट 2027: ईरान से भिड़े ट्रंप हांफते हुए बोले- घरेलू खर्च में कटौती कर रक्षा बजट बढ़ा दो

    वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए अपना प्रस्तावित बजट पेश कर दिया है, जिसमें घरेलू कार्यक्रमों में व्यापक कटौती और फेडरल एजेंसियों के पुनर्गठन की सख्त रूपरेखा तैयार की गई है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य सरकारी खर्च पर लगाम लगाना और फेडरल सरकार के ढांचे को पूरी तरह बदलना है। ये बजट ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका, ईरान ये जंग लड़ रहा है और बहुत बुरा फंसा हुआ है, शायद यही वजह है कि ट्रंप कहते सुने गए कि भले ही घरेलू खर्च में कटौती कर दो लेकिन रक्षा बजट बढ़ा दो।
    बजट प्रस्ताव में वर्ष 2026 के गैर-रक्षा स्तरों की तुलना में 10 फीसदी की कटौती का प्रावधान किया गया है, जिसे प्रशासन ने फिजूल और अप्रभावी कार्यक्रमों को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। हालांकि, सीमा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और वेटरन्स (पूर्व सैनिकों) से जुड़ी सेवाओं के लिए फंडिंग को प्राथमिकता के आधार पर बरकरार रखा गया है। बजट प्रस्ताव के अनुसार, कई प्रमुख विभागों की फंडिंग में दोहरे अंकों में कमी की गई है। कृषि विभाग के बजट में 19 फीसदी की कटौती कर इसे 20.8 अरब डॉलर करने का प्रस्ताव है, जबकि वाणिज्य विभाग के बजट में 12.2 फीसदी की कमी के साथ 9.2 बिलियन डॉलर का प्रावधान किया गया है। शिक्षा विभाग को 76.5 बिलियन डॉलर आवंटित किए गए हैं, लेकिन साथ ही इसे धीरे-धीरे खत्म करने की मंशा भी जताई गई है। स्वास्थ्य और मानवीय सेवाओं के बजट में 12.5 फीसदी और हाउसिंग एवं शहरी विकास विभाग में 13 फीसदी की कटौती प्रस्तावित है। सबसे अधिक मार अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों और राज्य विभाग पर पड़ी है, जहां फंडिंग में 30 फीसदी की भारी कमी कर इसे 35.6 बिलियन डॉलर तक सीमित कर दिया गया है।
    स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नए निकाय एडमिनिस्ट्रेशन फॉर अ हेल्दी अमेरिका के गठन का प्रस्ताव है, जो पोषण और खाद्य सुरक्षा जैसे विषयों पर केंद्रित होगा। गृह सुरक्षा विभाग के कुल बजट में कमी के बावजूद सीमा प्रवर्तन और आव्रजन नियंत्रण पर निवेश जारी रहेगा। इसी तरह, न्याय विभाग को पुलिसिंग के लिए अधिक संसाधन दिए जाएंगे, लेकिन गैर-जरूरी ग्रांट प्रोग्राम बंद कर दिए जाएंगे।
    बजट का एक बड़ा हिस्सा फेडरल ब्यूरोक्रेसी को कम करने और शिक्षा व वर्कफोर्स डेवलपमेंट जैसी जिम्मेदारियां राज्यों और स्थानीय सरकारों को सौंपने पर जोर देता है। ओएमबी के डायरेक्टर रसेल टी. वॉट ने इसे एक ऐतिहासिक वित्तीय बदलाव करार दिया है। अब यह प्रस्ताव कांग्रेस में जाएगा, जहां घरेलू कटौतियों और फेडरल कार्यक्रमों के पुनर्गठन के मुद्दों पर सांसदों के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।

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