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    वेनेजुएला में अपने तेल और ऊर्जा अधिकार वापस चाहता है अमेरिका, टैंकरों की नाकाबंदी

    वाशिंगटन। अमेरिका-वेनेजुएला के बीच चल रहे विवाद ने जंग की शक्ल लेता दिख रहा। अमेरिका अब वेनेजुएला को धमकी दे रहा है और उसके तेल पर अपना हक जता रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला में अपने तेल और ऊर्जा अधिकार वापस चाहता है, जिन्हें ट्रंप के मुताबिक वहां की सरकार ने अवैध तरीके से छीन लिया था। ट्रंप ने ये बात पत्रकारों से बातचीत में कही।
    उन्होंने कहा कि वेनेजुएला ने हमारी सारी ऊर्जा और तेल के अधिकार छीन ले लिए थे। ये सब कुछ गैरकानूनी रूप से हुआ और अब हम इसे वापस चाहते हैं। इससे पहले ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर बताया था कि वेनेजुएला को दक्षिण अमेरिका की अब तक की सबसे बड़ी नौसैनिक घेराबंदी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह घेराबंदी तब तक बढ़ती रहेगी, जब तक कराकास चोरी किया गया तेल और उससे जुड़ी संपत्तियां वापस नहीं करता। वेनेजुएला ने अमेरिका के इस कदम की कड़ी आलोचना की है और यूएन से शिकायत की है। कुल मिलाकर जंग की स्थिति बन रही है।
    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के करीबी सहयोगी और व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने भी वेनेजुएला के तेल को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला का तेल असल में अमेरिका का है और वहां तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण चोरी था। मिलर ने पोस्ट में लिखा- अमेरिकी मेहनत, तकनीक और पूंजी से वेनेजुएला में तेल उद्योग खड़ा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां की सरकार ने इसे जबरन अपने कब्जे में ले लिया और इस लूटे गए धन का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने और ड्रग्स फैलाने में किया गया।
    बता दें अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक किसी देश के प्राकृतिक संसाधनों पर उसी देश का अधिकार होता है। वेनेजुएला ने 1976 में अपने तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण किया और उसे सरकारी कंपनी के तहत लाया। साल 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज ने बची हुई विदेशी तेल परियोजनाओं को भी नेशनलाइज्ड कर दिया, जिससे अमेरिकी कंपनियों को बाहर होना पड़ा। अमेरिकी कंपनियों ने इसे लीगल चैलेंज दिया और साल 2014 में वर्ल्ड बैंक के एक ट्राइब्यूनल ने वेनेजुएला को 1.6 अरब डॉलर देने का आदेश दिया। ये मामला अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ट्रंप ने अपने पिछले कार्यकाल में वेनेजुएला की सरकारी कंपनी पर सैंक्शन लगाए थे। दूसरे कार्यकाल में ट्रंप ने वेनेजुएला के खिलाफ मैक्सिमम प्रेशर की नीति और तेज कर दी है।

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