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    वाराणसी बना देश का पहला शहर जहां दौड़ी हाइड्रोजन वाटर टैक्सी, जानें किराया और रूट

    स्वच्छ गंगा और पर्यावरण के साथ-साथ शांत और सुंदर माहौल में काशी के घाटों का अवलोकन करने का एक और विकल्प काशी में पीएम मोदी देने जा रहे हैं |गुरुवार को केंद्रीय जल परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल हाइड्रोजन से चलने वाली पहली वाटर टैक्सी का शुभारम्भ करेंगे |इस वाटर टैक्सी का संचालन शिपिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया करेगा. सुबह दस बजे से रात आठ बजे तक नमो घाट से रविदास घाट के बीच इस हाइड्रोजन चलित वाटर टैक्सी का संचालन होगा | हालांकि, इसके किराया अभी निर्धारित नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि एक व्यक्ति के लिए करीब 500 रुपए किराया हो सकता है |

    जानकारी के मुताबिक, वाटर टैक्सी में 50 लोगों के बैठने की क्षमता होगी. इसका निर्माण पूर्णतया स्वदेसी तकनीकी से किया गया है. इस वाटर टैक्सी का निर्माण कोच्चि शिपयार्ड में हुआ है और इसके निर्माण पर दस करोड़ का खर्च आया है | देश की पहली हाइड्रोजन चलित वाटर टैक्सी के चलाने को गंगा में प्रदूषण मुक्त परिवहन सेवा के रूप में भी देखा जा रहा है. वहीं ये मना जा रहा है कि ये वाटर टैक्सी लोगों को आकर्षित करेगी, जिस से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा |

    वाटर टैक्सी में करें गंगा की सैर

    इस वाटर टैक्सी के फ्यूल के रूप में हाइड्रोजन की आपूर्ति के लिए नमो घाट और असि घाट पर दो हाइड्रोजन पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं. हाइड्रोजन पंपिंग स्टेशन का संचालन बेंगलुरु की कंपनी न्यू इंडिया हाइड्रोजन करेगी. सरकार की मंशा रही है कि काशी में पर्यटन को ज्यादा से ज्यादा सुगम बनाया जाए, जिससे लोग काशी में पर्यटन का भरपूर लुत्फ उठा सकेंगे |

    कितना होगा किराया?

    किराए का निर्धारण फिलहाल नहीं हुआ है, लेकिन बताया जा रहा है कि नमो घाट से असि घाट के बीच प्रति व्यक्ति 500/- रुपया किराया निर्धारित किया गया है | वहीं आगे चलकर इसे कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव तक चलाया जाएगा. काशी से अयोध्या के बीच इस वाटर टैक्सी के संचालन को लेकर भी बात हो रही है |

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