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    नक्सली हिंसा की पीड़िता को न्याय, मिली छत: CM साय की योजना का पहला तोहफा

    सुकमाः छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सली हिंसा में पति को खोने वाली सोडी हुंगी को राज्य सरकार की 'नक्सलवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति' के तहत पक्का मकान मिला है। इस योजना के अंतर्गत बनने वाला प्रदेश का पहला आवास है। वहीं, मकान पाने वाली सोडी पहली लाभार्थी बनी हैं। दरअसल, सीएम विष्णु देव साय की पहल पर केंद्र सरकार से 15000 प्रधानमंत्री आवास की विशेष स्वीकृति मिली है। इसके अंतर्गत सुकमा जिले के ओईरास गांव में रहने वाली सोडी हुंगी को पक्का मकान मिला है। अधिकारियों ने बताया कि यह मकान नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए बनाई गई विशेष परियोजना के अंतर्गत तैयार किया गया है।

    नक्सलियों ने कर दी थी पति की हत्या

    साल 2005 में सोडी के 40 वर्षीय पति मासा सोडी की नक्सलियों ने मुखबिर होने के संदेह में धारदार हथियार से हमला कर मौत के घाट उतार दिया गया था। अत्यंत गरीब परिवार से होने के कारण सोडी हुंगी वर्षों तक कच्चे घर में रहने को मजबूर थी। हुंगी अपने दो बेटे और तीन बेटियों के साथ कच्चे मकान में रहती थी।

    वर्षों बाद 4 कमरों का मकान तैयार

    अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायत गादीरास ने वर्ष 2024-25 में विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में पात्र पाए जाने पर सोडी हुंगी का नाम प्रस्तावित किया गया। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव स्वीकृत होने पर लाभार्थी के खाते में तीन किस्तों में कुल 135000 की राशि जारी की गई। हुंगी अपने चार कमरों वाले घर के निर्माण में भी कुछ पैसे खर्च किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि शासन की पारदर्शी प्रक्रिया, तकनीकी मार्गदर्शन और समय-समय पर की गई निगरानी के कारण आठ जुलाई 2025 को आवास निर्माण कार्य पूरा हुआ। जिसके बाद सोडी हुंगी अपने परिवार के साथ मकान में रहने लगी।

    मकान के साथ मिली अन्य सुविधाएं

    प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ सोडी हुंगी को अन्य योजनाओं का भी लाभ प्राप्त हुआ है। इनमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण की स्वीकृति, मनरेगा के तहत 90 दिवस की मानव मजदूरी का भुगतान, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ शामिल है। सोडी हुंगी के बेटों ने कहा कि उनका परिवार आज सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी पा रहा है। यह सब जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत और पीएम आवास योजना की बदौलत संभव हुआ है। उन्होंने कहा, 'हम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्र सरकार के आभारी हैं, जिन्होंने नक्सल पीड़ितों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए इतनी संवेदनशील और प्रभावी नीति बनाई है।'

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