गाजीपुर: विनीत राय हत्याकांड के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी अपराधी कमलेश चौधरी के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास जमकर हंगामा हुआ। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों और उनके समर्थकों ने शव को सड़क पर रखकर न सिर्फ चक्काजाम किया, बल्कि समझानी पहुंची पुलिस टीम पर जानलेवा पथराव भी कर दिया। इस हिंसक झड़प में क्षेत्राधिकारी (CO) सिटी समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मामले में पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए गोड़ा देहाती की महिला ग्राम प्रधान, उनके पति, मृतक के भाई सहित 6 नामजद और 50 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
शान्ति व्यवस्था के बीच अचानक भड़की हिंसा
शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि उपनिरीक्षक (SI) राम मिलन यादव अपनी टीम के साथ अष्टभुजी कॉलोनी स्थित विनीत राय के घर और गोड़ा देहाती स्थित बिंदु होटल के आसपास कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त पर थे। 3 जून को मुठभेड़ में ढेर हुए शूटर कमलेश चौधरी का शव 4 जून को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा गया था।
समझाने गई पुलिस पर बरसाए पत्थर, CO और थानाध्यक्ष घायल
आरोप है कि शव मिलने के बाद मृतक के भाई संजय कुमार बिंद, गोड़ा देहाती की ग्राम प्रधान अनीता बिंद, मोहिल बिंद, राजकुमार बिंद, कमलवता और विंचरिया बिंद ने करीब 50 अज्ञात महिला-पुरुषों के साथ मिलकर फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास बीच सड़क पर लाश रखकर रास्ता जाम कर दिया।जब पुलिस टीम ने उन्हें समझा-बुझाकर जाम हटाने का प्रयास किया, तो भीड़ उग्र हो गई और गाली-गलौज करते हुए अचानक पथराव शुरू कर दिया। इस अचानक हुए हमले में सीओ सिटी शेखर सेंगर, नंदगंज थानाध्यक्ष अतुल मिश्रा, महिला कांस्टेबल रेशमा, कांस्टेबल अभिनव कन्नौजिया और कांस्टेबल दिवाकर सिंह लहूलुहान हो गए। सभी घायल पुलिस अधिकारियों और कर्मियों का मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इन लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा, गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि उपनिरीक्षक राममिलन यादव की तहरीर पर पुलिस ने उपद्रव, सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस टीम पर हमला करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। नामजद आरोपियों में शामिल हैं:
संजय बिंद (मृतक कमलेश का भाई व प्रधान पति)
अनीता बिंद (ग्राम प्रधान, गोड़ा देहाती)
मोहिल बिंद, राजकुमार बिंद, कमलवता, और विंचरिया बिंद
इसके अलावा 50 अज्ञात हिंसक प्रदर्शनकारियों को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
अधिकारियों का कड़ा रुख
पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले और खाकी पर हाथ उठाने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद से ही गोड़ा देहाती और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल और कई थानों की फोर्स तैनात कर दी गई है। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।


