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    इंदौर में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, टंट्याभील चौराहे पर NEET पेपर लीक के खिलाफ जुटी भीड़

    इंदौर: शहर के टंट्याभील चौराहे पर विद्यार्थियों का प्रदर्शन दिनोंदिन और अधिक उग्र रूप लेता जा रहा है। अपनी मांगों को बुलंद करने के लिए भारी संख्या में युवा धरना स्थल पर जुट रहे हैं। बीते 30 जून से प्रारंभ हुआ यह अनिश्चितकालीन सत्याग्रह नीट पर्चा लीक प्रकरण के अभियुक्तों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल त्यागपत्र की मांग को लेकर निरंतर जारी है।

    प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या से मिला आंदोलन को बल

    दिन बीतने के साथ-साथ धरना स्थल पर अभ्यर्थियों का जमावड़ा बढ़ता ही जा रहा है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के समर्थन में गूंजते गगनभेदी नारों से समूचा परिसर गुंजायमान हो रहा है। चौराहे से आवाजाही करने वाले राहगीर भी रुककर युवाओं के आक्रोश और एकजुटता को देख रहे हैं। मंगलवार देर रात तक बड़ी तादाद में छात्र-छात्राएं कड़ाके की स्थिति में भी डटे रहे और अपने हक में आवाज़ उठाते रहे।

    बारिश के बीच तख्तियों और देशभक्ति गीतों से जगाया अलख

    प्रदर्शन में शरीक युवा हाथों में तख्तियां थामे नजर आए, जिन पर अपनी मांगों के समर्थन में संदेश लिखे हुए थे। झमाझम बारिश के बावजूद अभ्यर्थियों के जज्बे में कोई कमी नहीं आई। इस दौरान अखिलेश राणा, रोहित वास्कले, दुर्गा माणसाने, भारत चौहान और राधिका समेत कई साथियों ने देशभक्ति के तराने गाकर प्रदर्शनकारियों में नया जोश भरा।

    लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनस्र्थापना का संकल्प

    आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि यह लड़ाई केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक गरिमा की रक्षा और व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मुहिम है। मंगलवार को इस सत्याग्रह के 22 दिन पूरे हो चुके हैं और समय के साथ-साथ इससे जुड़ने वाले अभ्यर्थियों का दायरा लगातार चौड़ा हो रहा है।

    कलेक्ट्रेट मार्च के बाद भी जारी है गतिरोध

    उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व आक्रोशित छात्रों ने टंट्याभील चौराहे से प्रशासनिक संकुल (कलेक्ट्रेट) तक पैदल मार्च निकालकर घंटों प्रदर्शन किया था और ज्ञापन सौंपा था। छात्रों के मुताबिक कुछ आंशिक बिंदुओं पर तो कदम उठाए गए हैं, परंतु मुख्य मांगों का निस्तारण अभी बाकी है। यही वजह है कि वे टंट्याभील चौराहे पर अनवरत डटे रहने को मजबूर हैं।

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