जयपुर। पश्चिमी राजस्थान के रेतीले इलाकों में आज एक बार फिर धूल का गुबार और बवंडर उठने की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, राज्य के पश्चिमी हिस्सों में वायुमंडलीय सिस्टम इस समय सबसे ज्यादा प्रभावशाली बना हुआ है। पूरे प्रदेश में प्री-मानसून की हलचलें अब पूरी तरह गति पकड़ चुकी हैं। आने वाले चार से पांच दिनों के दौरान राजस्थान के अलग-अलग अंचलों में धूलभरी आंधी, गरज-चमक और झमाझम बारिश का दौर देखने को मिलेगा। नए पश्चिमी विक्षोभ और एक्टिव ट्रफ लाइन के मिले-जुले असर से पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही क्षेत्रों के मौसम में बड़ा बदलाव आ गया है।
मौसम वैज्ञानिकों ने आज राज्य के अधिकांश जिलों के लिए अंधड़ और वर्षा की चेतावनी जारी की है। इसके तहत पूर्वी राजस्थान के 22 शहरों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जबकि ज्यादा प्रभावित होने वाले पश्चिमी राजस्थान के 7 शहरों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' की घोषणा की गई है। बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, जैसलमेर, नागौर, पाली और फलोदी जैसे क्षेत्रों में आज 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने, आकाशीय बिजली चमकने और मेघगर्जन के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है।
पांच दिनों तक बना रहेगा मौसमी सिस्टम
विशेषज्ञों का अनुमान है कि पंजाब से लेकर बिहार तक बनी ट्रफ लाइन, पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान के वायुमंडल में बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र (सर्कुलेशन) के कारण हवाओं में लगातार नमी आ रही है। इसी वजह से आगामी तीन से पांच दिनों तक आंधी-पानी का यह दौर थमता हुआ नजर नहीं आएगा।
चिलचिलाती गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत
मौसम के करवट लेने से प्रदेशवासियों को झुलसाने वाली तपन से काफी हद तक निजात मिलेगी। राजधानी जयपुर समेत अलवर, भरतपुर, सीकर, झुंझुनूं, भीलवाड़ा, बूंदी और चित्तौड़गढ़ जैसे जिलों में पारे में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। वहीं श्रीगंगानगर, चूरू, हनुमानगढ़, नागौर, जैसलमेर और फलोदी में आंधी का असर सबसे तीव्र देखा जा सकता है।
मौसम विभाग ने जारी की विशेष हिदायत
आने वाले दिनों में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलती रहेंगी। खराब मौसम और तेज अंधड़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने आम जनता को सुरक्षित स्थानों पर रहने और विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी है।


