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    Homeस्वास्थ्यहंटावायरस संक्रमण क्या है? कैसे फैलता है और क्या हैं संकेत

    हंटावायरस संक्रमण क्या है? कैसे फैलता है और क्या हैं संकेत

    दुनिया पर मंडराया एक और वायरस का साया, 'हंटावायरस' ने बढ़ाई स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता

    पिछले एक दशक में कोरोना, मंकीपॉक्स और निपाह जैसे संक्रामक रोगों के बाद अब दुनिया के सामने 'हंटावायरस' (Hantavirus) का खतरा गहराने लगा है। न्यू मेक्सिको में एक क्रूज शिप पर हुई तीन लोगों की रहस्यमयी मौत और कई यात्रियों के बीमार पड़ने के बाद वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। विशेषज्ञों को प्रबल आशंका है कि यह जानलेवा संक्रमण चूहों से फैलने वाला हंटावायरस हो सकता है।

    WHO की पैनी नजर और ताजा स्थिति

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस आउटब्रेक की गंभीरता से निगरानी कर रहा है। ताजा अपडेट के अनुसार:

    • प्रयोगशाला जांच में हंटावायरस के एक मामले की पुष्टि हो चुकी है।

    • पांच अन्य संदिग्धों की गहन जांच जारी है, जिनमें से एक व्यक्ति दक्षिण अफ्रीका में आईसीयू (ICU) में भर्ती है।

    • संक्रमित यात्रियों और क्रू मेंबर्स को चिकित्सा सहायता दी जा रही है और वायरस की जेनेटिक सीक्वेंसिंग की जा रही है।

    कितना खतरनाक है हंटावायरस?

    हंटावायरस कोई नया वायरस नहीं है, लेकिन इसकी मृत्यु दर बेहद डरावनी है। आंकड़ों के अनुसार, इस संक्रमण की चपेट में आने वाले 35% से 60% लोगों की जान जाने का जोखिम रहता है। यह मुख्य रूप से चूहों और कभी-कभी गिलहरियों के जरिए फैलता है।

    लक्षण: सामान्य फ्लू से गंभीर संकट तक

    इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती इसकी पहचान है, क्योंकि शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं:

    1. प्रारंभिक अवस्था: बुखार, तेज ठंड लगना, मांसपेशियों में खिंचाव और सिरदर्द।

    2. गंभीर अवस्था: जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता है, फेफड़ों में पानी भरने लगता है (पल्मोनरी सिंड्रोम), जिससे सांस लेने में भारी तकलीफ और सीने में जकड़न महसूस होती है।

    3. अंगों पर प्रभाव: समय पर इलाज न मिलने पर यह किडनी और हृदय सहित शरीर के कई अंगों को विफल कर सकता है।

    बचाव और सावधानी के उपाय

    फिलहाल हंटावायरस के लिए कोई विशिष्ट दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बचाव ही एकमात्र रास्ता है:

    • दूरी बनाएं: चूहों और उनके मल-मूत्र के सीधे संपर्क में आने से बचें।

    • सफाई का सही तरीका: चूहों वाले स्थानों पर झाड़ू या वैक्यूम क्लीनर का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे वायरस हवा में फैल सकता है। सफाई के लिए कीटाणुनाशक (ब्लीच) और ग्लव्स का प्रयोग करें।

    • तुरंत जांच: यदि आप चूहों के प्रभाव वाले क्षेत्र में रहे हैं और आपको फ्लू जैसे लक्षण दिखें, तो बिना देरी किए विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।

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