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    अक्षय तृतीया कब है? 19 और 20 अप्रैल दो दिन तिथि, शास्त्र से जानें सही तारीख, पूजा मुहूर्त, सोना खरीदने का समय

    अक्षय तृतीया वैशाख मा​ह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाते हैं. कुछ जगहों पर अक्षय तृतीया की तारीख 19 अप्रैल है तो कुछ 20 अप्रैल बता रहे हैं. अब समस्या यहीं पर पैदा होती है कि आम आदमी किस दिन अक्षय तृतीया मनाए? अक्षय तृतीया की पूजा किस दिन करें? अक्षय तृतीया पर सोना कब खरीदें? इन उलझनों को दूर करने का सबसे आसान तरीका है- शास्त्र क्या कहते हैं? आज हम व्रत परिचय से जानते हैं कि अक्षय तृतीया मनाना किस दिन सही है?
    अक्षय तृतीया कब मनाते हैं?

    व्रत परिचय के अनुसार, सनातन धर्म में अक्षय तृतीया बहुत ही शुभ फलदायी तिथि है, इस दिन किए गए कार्यों में प्राप्त पुण्य फल अक्षय रहता है. इस दिन आप जो भी दान, जप, पूजा, पाठ, स्नान, होम आदि करते हैं, सब अक्षय होते हैं, इस वजह से इसे अक्षय तृतीया कहते हैं.

        शास्त्रों के अनुसार, जिस दिन वैशाख मा​ह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि में मध्याह्नव्यापिनी मुहूर्त हो, उसे स्वीकार करना चाहिए. मध्याह्नव्यापिनी का अर्थ दोपहर के समय से है.
        अक्षय तृतीया को प्रदोष काल में परशुराम जी का जन्म हुआ था. जिस दिन वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि द्वितीया को दोपहर से पहले आ जाए, तो उस दिन ही अक्षय तृतीया मनानी चाहिए. उस दिन परशुराम जयंती के साथ अक्षय तृतीया, नर-नारायण जयंती, हयग्रीव जयंती मनाना चाहिए. लेकिन द्वितीया तिथि दोपहर के बाद तक हो और उसके बाद तृतीया लगे तो परशुराम जयंती दूसरे दिन ही मनानी चाहिए.
        शास्त्रों में अक्षय तृतीया के बारे में एक और बात कही गई है कि जिस दिन वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि में सोमवार दिन और रोहिणी नक्षत्र तीनों एकसाथ उपस्थित हों, तो वह अक्षय तृतीया बहुत श्रेष्ठ होती है.

    अक्षय तृतीया 2026 कब मनाएं? 19 या 20 अप्रैल
    अब पंचांग देखते हैं. 19 अप्रैल को सुबह में 10 बजकर 49 मिनट से वैशाख शुक्ल तृतीया यानि अक्षय तृतीया की तिथि लग जाएगी, जो 20 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 49 मिनट तक रहेगी.

    शास्त्रों के आधार पर देखें तो इस साल अक्षय तृतीया की तिथि दोपहर से पूर्व ही प्रारंभ हो जा रही है, ऐसे में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल रविवार को मनाना शास्त्र सम्मत है.
    20 अप्रैल को क्यों नहीं है अक्षय तृतीया?

    कुछ लोग कह सकते हैं कि 20 अप्रैल को सोमवार दिन, तृतीया तिथि और रोहिणी नक्षत्र का एक साथ संयोग बन रहा है, तो उस दिन अक्षय तृतीया मनानी चाहिए. लेकिन उस दिन में समस्या यह है कि तृतीया तिथि उस दिन सुबह 07:27 बजे ही खत्म हो जा रही है. इसमें न मध्याह्नव्यापिनी मुहूर्त है और न ही प्रदोष काल.
    अक्षय तृतीया 2026 मुहूर्त
    19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह में 10:49 बजे से लेकर दोपहर 12:20 बजे तक है. उस दिन पूजा के लिए 1 घंटा 32 मिनट का शुभ मुहूर्त है.
    अक्षय तृतीया 2026 सोना खरीदने का मुहूर्त
    19 अप्रैल को तृतीया तिथि सुबह 10:49 बजे से लग रही है, उसके बाद से आप सोना खरीद सकते हैं.

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