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    दीपक के पीछे कौन है गुरु? सीजेपी में पर्दे के पीछे अहम किरदार

    नई दिल्ली। देश की राजनीति में चर्चा का विषय बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके के राजनीतिक मार्गदर्शक (मेंटर) को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। हाल ही में सामने आई एक वीडियो कॉल की बातचीत में पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और खुद अभिजीत दीपके ने इस बात से पर्दा उठाया है कि आजिंक्य शिंदे लंबे समय से दीपके के मेंटर रहे हैं। दोनों ने स्पष्ट किया कि शिंदे न केवल पार्टी के गठन से पहले से दीपके को मार्गदर्शन देते आ रहे हैं, बल्कि संगठन के भीतर भी एक बेहद अहम भूमिका निभा रहे हैं।

    जंतर-मंतर आंदोलन और पर्दे के पीछे की रणनीति

    वीडियो बातचीत के दौरान आशुतोष रांका ने विशेष रूप से नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए बड़े आंदोलन का जिक्र किया। रांका ने बताया कि जब मंच से अभिजीत दीपके और अन्य नेता प्रदर्शनकारियों व जनता से संवाद कर रहे थे, तब उस पूरे विशाल प्रदर्शन के प्रबंधन और व्यवस्था की कमान खुद आजिंक्य शिंदे ने संभाल रखी थी। इस बात पर सहमति जताते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि उसी आंदोलन के दौरान शिंदे के नेतृत्व में वॉलेंटियर्स की एक मजबूत टीम तैयार हुई थी, जो आज देश भर में संगठन के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रही है।

    कौन हैं आजिंक्य शिंदे? (राजनीतिक सफर)

    राजनीतिक गलियारों की चर्चा के केंद्र में आए आजिंक्य शिंदे का संबंध पहले आम आदमी पार्टी (AAP) से रहा है। वह महाराष्ट्र में आप की युवा इकाई में अहम जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और इसके अलावा गोवा राज्य के सह-प्रभारी की भूमिका भी निभा चुके हैं। 'आप' से नाता टूटने के बाद उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का रुख किया, जहां उन्हें पार्टी के भीतर राष्ट्रीय संगठन की मुख्य जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी के विस्तार और जमीनी रणनीतियों में उनका योगदान सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

    सार्वजनिक मंचों से दूरी और संगठनात्मक पकड़

    पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके और आजिंक्य शिंदे दोनों ही मूल रूप से महाराष्ट्र से ताल्लुक रखते हैं और एक-दूसरे को काफी लंबे समय से जानते हैं। खास बात यह है कि शिंदे अमूमन मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर बहुत कम नजर आते हैं। वह लाइमलाइट से दूर रहकर पूरी तरह से संगठनात्मक रणनीति, योजना निर्माण और जमीनी गतिविधियों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करते हैं। यही मुख्य वजह है कि पार्टी में इतने ऊंचे और महत्वपूर्ण पद पर होने के बावजूद उनकी सार्वजनिक पहचान और सक्रियता थोड़ी सीमित है।

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