बेहतरीन अभिनेता अली फजल इन दिनों अपनी नई थ्रिलर वेब सीरीज 'राख' को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में हैं। इस सीरीज में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों की खूब सराहना मिल रही है। इसी कामयाबी के बीच, अली फजल ने एक बेहद गंभीर और प्रासंगिक मुद्दे पर अपने विचार साझा किए हैं, जिससे मनोरंजन जगत में एक नई बहस छिड़ गई है।
कला और राजनीति एक-दूसरे के पूरक
एक विशेष बातचीत के दौरान जब अली से पूछा गया कि क्या पब्लिक फिगर्स या लोकप्रिय हस्तियों को सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखनी चाहिए? इस पर अभिनेता ने बेहद परिपक्वता से जवाब देते हुए कहा कि उनके नजरिए से कोई भी कला राजनीति के बिना अधूरी है। उन्होंने कहा कि कलाकार अपने आसपास के समाज से खुद को पूरी तरह अलग थलग नहीं रख सकते।
"एक कलाकार के तौर पर हमारे भीतर गहरी करुणा और संवेदनशीलता होती है। कला उस समाज और राजनीति से अलग नहीं हो सकती जिसमें हम सब रहते हैं। कई बार कला समाज का असली आईना बनती है, तो कई बार यह हमारे आसपास की घटनाओं से ही प्रेरित होती है। इन दोनों को एक-दूसरे से जुदा नहीं किया जा सकता।"
जरूरी नहीं कि मंच पर खड़े होकर चिल्लाया जाए
अली फजल ने अभिव्यक्ति के तरीकों पर बात करते हुए साफ किया कि अपनी बात रखने का मतलब हमेशा मंच पर खड़े होकर भाषण देना या जोर-जोर से चिल्लाना नहीं होता। उन्होंने कहा कि हर इंसान का अपना एक तरीका होता है। कई बार एक बेहतरीन और संवेदनशील कहानी लिखकर, उसे पर्दे पर सलीके से दिखाकर भी समाज को बहुत बड़ा संदेश दिया जा सकता है। कभी-कभी फिल्मों के जरिए उठाई गई यह खामोश आवाज ही सबसे दमदार साबित होती है।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आज के दौर में अगर कई लोग इन संवेदनशील विषयों पर बोलना पसंद नहीं करते हैं, तो वह भी पूरी तरह ठीक है क्योंकि हर किसी की अपनी परिस्थितियां और सीमाएं होती हैं। लेकिन उनका मानना है कि हमें अपने-अपने तरीके से समाज के लिए कुछ न कुछ सकारात्मक जरूर करना चाहिए।
1978 के खौफनाक 'रंगा-बिल्ला' कांड पर आधारित है 'राख'
आपको बता दें कि अली फजल और सोनाली बेंद्रे की मुख्य भूमिकाओं से सजी वेब सीरीज 'राख' 12 जून से ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम हो रही है। इस सीरीज का निर्देशन मशहूर डायरेक्टर प्रोसित रॉय ने किया है, जो इससे पहले 'परी' और 'पाताल लोक' जैसी डार्क और सस्पेंस से भरपूर दुनिया पर्दे पर रच चुके हैं।
इस सीरीज में आकाश मखीजा, रमनदीप यादव, दिव्या शर्मा और विवान शर्मा भी बेहद महत्वपूर्ण किरदारों में नजर आ रहे हैं। 'राख' की कहानी साल 1978 के भारत के सबसे कुख्यात और खौफनाक 'रंगा-बिल्ला' आपराधिक मामले से प्रेरित है, जिसने उस दौर में पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।


