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    कुछ लोगों को देखकर कुत्ते अचानक क्यों भौंकने लगते हैं? शनि दोष से क्या है संबंध

    कई बार आपने महसूस किया होगा, गली में चलते वक्त या किसी घर के बाहर, कुत्ता बिना वजह किसी एक इंसान को देखकर जोर-ज़ोर से भौंकने लगता है, जबकि साथ चल रहे बाकी लोगों पर उसका कोई रिएक्शन नहीं होता. ऐसे में मन में सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों? क्या ये सिर्फ जानवरों की सामान्य आदत है या इसके पीछे ज्योतिष और ऊर्जा से जुड़ा कोई रहस्य भी छिपा है? भारतीय ज्योतिष शास्त्र और लोक मान्यताओं में कुत्तों को सिर्फ पालतू जानवर नहीं, बल्कि ऊर्जा पहचानने वाला जीव माना गया है. माना जाता है कि कुत्ते उन चीजों को महसूस कर लेते हैं, जिन्हें इंसान नहीं देख पाता. आइए जानते हैं आखिर कुत्ते ऐसा क्यों करते हैं…

    ज्योतिष शास्त्र में कुत्ते का महत्व
    ज्योतिष के अनुसार कुत्ते का संबंध सीधे न्याय व कर्म के कारक ग्रह शनि से माना जाता है. शनि ग्रह को कर्म, न्याय और अदृश्य शक्तियों का कारक ग्रह कहा जाता है. यही वजह है कि कुत्ते नकारात्मक ऊर्जा को जल्दी पहचान लेते हैं. जिन लोगों पर शनि ग्रह का प्रभाव अशुभ होता है, उन पर कुत्ते ज्यादा प्रतिक्रिया दे सकते हैं. कई मान्यताओं में कुत्तों को यमराज का दूत भी कहा गया है.

    अदृश्य शक्तियों को कर लेते हैं महसूस
    ज्योतिष का मानना है कि हर इंसान के आसपास एक ऊर्जा क्षेत्र होता है. अगर किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति खराब हो, गुस्सा, डर या बुरे विचार हावी हों तो कुत्ता उसे महसूस कर लेता है. साथ ही माना जाता है कि जिन लोगों की कुंडली में शनि दोष या पितृ दोष होता है, उनके आसपास कुत्ते बार-बार भौंकते या पीछे पड़ जाते हैं. ग्रामीण और पारंपरिक मान्यताओं में कहा जाता है कि कुत्ते नकारात्मक या अदृश्य शक्तियों को देख सकते हैं. इसीलिए रात में अचानक कुत्तों का भौंकना शुभ नहीं माना जाता.

    चाल को बारीकी से पढ़ते हैं कुत्ते
    सभी जानवरों की तरह कुत्तों की भी अपनी टेरिटरी होती है और जब कोई अजनबी उस टेरिटरी में आता है तो वह भौंककर चेतावनी जारी करता है कि यहां मत आओ. जो तेज-तेज चलकर आते हैं या अचानक से आ जाते हैं, उन पर कुत्ते ज्यादा रिएक्शन देते हैं. कुत्ते इंसान की बॉडी लैंग्वेज और चाल को बारीकी से पढ़ते हैं और उनकी हर चीज पर बारीकी से ध्यान देते हैं. कुत्तों में सूंघने की शक्ति इंसान से 1 लाख गुना ज्यादा होती है.

    भौंककर देते हैं चेतावनी
    कुत्ते इंसान की घबराहट, नशा या तनाव की गंध तुरंत जान लेता है, ऐसे लोगों पर ज्यादा भौंकते हैं क्योंकि इस तरह के इंसानों से ज्यादा खतरा लगता है. अगर आपका कुत्ता किसी खास व्यक्ति पर भौंकता है तो उसको गंभीरता से लें. कुत्ते इंसान से बेहतर खतरे को भांप लेते हैं और भौंककर ये उनकी सतर्कता का संकेत है.

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