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    आगरा के ब्रश, चांदी और जरदोजी को मिलेगा नया मंच? ODOP में शामिल करने का प्रस्ताव

    आगरा। ताजमहल की नगरी आगरा के तीन और पारंपरिक व्यवसायों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'एक जनपद-एक उत्पाद' (ODOP) योजना के दायरे में अब यहाँ के प्रसिद्ध चांदी के पायल कारोबार, पारंपरिक जरदोजी कला और ब्रश मैन्युफैक्चरिंग उद्योग को भी शामिल करने की तैयारी तेज कर दी गई है। स्थानीय उद्योग विभाग ने इस संबंध में एक विस्तृत और औपचारिक प्रस्ताव राज्य शासन को मंजूरी के लिए प्रेषित कर दिया है।

    इन तीन नए सेक्टरों को हरी झंडी मिलते ही आगरा उत्तर प्रदेश का ऐसा पहला जिला बनने का गौरव हासिल कर लेगा, जिसके रिकॉर्ड छह उत्पाद ओडीओपी की सूची में शुमार होंगे। मालूम हो कि इससे पहले चमड़े के फुटवियर (लेदर शूज), विश्वप्रसिद्ध पेठा और संगमरमर (मार्बल) की पच्चीकारी कला को पहले ही इस विशिष्ट सूची में स्थान मिल चुका है।

    ओडीओसी में बढ़ेगा जायका, पेठा बनेगा 'डबल स्टार'

    एक ओर जहाँ ओडीओपी के जरिए हस्तशिल्प और विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर 'एक जनपद-एक व्यंजन' (ODOC) योजना के तहत आगरा के लजीज पकवानों का दायरा भी विस्तृत किया जा रहा है। इस पूरी योजना में यहाँ का मशहूर पेठा इकलौता ऐसा खास उत्पाद होगा, जो ओडीओपी (उद्योग) और ओडीओसी (व्यंजन) दोनों ही सूचियों में अपनी जगह बनाए रखेगा।

    मौजूदा समय में ओडीओसी की सूची में पेठा, गजक और पारंपरिक पराठा शामिल हैं। अब इस जायके की फेहरिस्त में आगरा की खास दालमोठ, विभिन्न प्रकार की नमकीन और सुबह के बेहद लोकप्रिय नाश्ते 'बेड़ई-जलेबी' को भी जोड़ने की कवायद चल रही है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट से स्वीकृति मिलते ही इन सभी पारंपरिक व्यवसायों को हाई-टेक आधुनिक तकनीक, आकर्षक पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों (एक्सपो) के माध्यम से ग्लोबल मार्केट तक सीधी पहुंच मिलेगी।

    लोन की आसान सुविधा और ग्लोबल ब्रांडिंग का मिलेगा लाभ

    सरकारी योजनाओं में इन उत्पादों के शामिल होने के बाद स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा विशेष सब्सिडी (अनुदान) और नए स्टार्टअप या मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने के लिए बेहद कम ब्याज दरों पर आसान लोन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, इन प्रोडक्ट्स की वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग की जाएगी, जिससे क्षेत्रीय व्यापारियों को निर्यात के नए अवसर और युवाओं को रोजगार के साधन सुलभ होंगे।

    – शैलेंद्र सिंह, उपायुक्त (उद्योग)

    लाखों परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार हैं ये उद्योग:

    • फुटवियर इंडस्ट्री: देश के कुल चमड़े के जूतों के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अकेले आगरा की हिस्सेदारी लगभग 65 फीसदी है, जबकि देश से होने वाले कुल फुटवियर एक्सपोर्ट में यह शहर 28 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान देता है। इस कारोबार से करीब 4 लाख लोग सीधे और परोक्ष रूप से रोजगार पा रहे हैं।

    • पेठा कारोबार: ताजनगरी में पेठा बनाने की लगभग 1,500 से अधिक पंजीकृत और छोटी इकाइयां काम कर रही हैं। यहाँ हर दिन तकरीबन 700 से 800 टन पेठे का बंपर उत्पादन किया जाता है।

    • चांदी की पायल का बाजार: शहर का 'चौबेजी का फाटक' इलाका समूचे उत्तर भारत में चांदी के व्यापार का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। यहाँ रोजाना कई टन चांदी की बेहद खूबसूरत पायलें और घुंघरू स्थानीय कारीगरों द्वारा गढ़े जाते हैं, जिनकी सप्लाई देश के करीब 80 फीसदी सराफा बाजारों में की जाती है।

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