मुक्तसर | सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों की लापरवाही से पश्चिम बंगाल राज्य के मालदा जिला का रहने वाला मजदूर सीवरेज के 10 फुट गहरे मैनहोल में से लापता हो गया।मंगलवार देर रात नौ बजे मजदूर को मैनहोल में उतारा गया था जो अभी तक बाहर नहीं निकला है। इस घटना के बाद से अभी तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। जबकि अन्य मजदूर खुद ही अपने साथी को मैनहोल से ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। लापता मजदूर युवक की पहचान जयदुलशलिम (21) वासी मालदा (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है। मजदूर साथी मुरशिद अली वासी मालदा ने बताया कि मंगलवार की रात नौ बजे सुपरवाइजर और जेई उनके पास आए और 21 वर्षीय जयदुलशलिम को अकेले ही साथ ले गए। जब उन्होंने पूछा तो कहने लगे कि मैनहोल साफ करना है। अभी थोड़ी देर में लौट आएंगे। वह उसे मार्केट कमेटी के दफ्तर की बैक साइड के मैनहोल में ले गए। काम का टेंडर उनके पास नहीं था। मगर इसके बावजूद वे उसे ले गए। मुरशिद अली ने कहा कि अगर काम ही करवाना था तो सभी को लेकर जाते। रात पौने नौ बजे उन्हें सुपरवाइजर ने सूचित किया कि उसका साथी अभी तक मैनहोल से बाहर नहीं निकला है। वह भी तुरंत वहां पहुंचा और मैनहोल में रात को दस मीटर तक अंदर जाकर देखा परंतु उनके साथी का कोई पता नहीं चला। सुपरवाइजर और जेई वहां से चले गए और वह रात से ही अपने साथी को ढूंढ रहे हैं मगर उसका कुछ पता नहीं चल रहा है। अभी तक न तो प्रशासनिक अधिकारी आए हैं और न ही किसी तरह की सहायता पहुंच रही है कि उनके साथी को ढूंढा जा सके। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी व सुपरवाइजर की लापरवाही से यह घटना हुई है। अगर सफाई करवानी थी तो सभी को लेकर आना चाहिए था। उनका साथी तो मशीन आपरेटर था परंतु उसे मैनहोल में उतार दिया गया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से जयदुलशलिम को ढूंढने की मांग की है। मुरशिद अली के अनुसार जयदुलशलिम शादीशुदा है और उसका दो साल का एक बच्चा है । पत्नी अभी फिर से गर्भवती है। सिस्टम की लापरवाही से उनका साथी मैनहोल में खो गया है।


