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    मेगा IPO से पहले जेप्टो पर संकट? FEMA जांच के दायरे में आए फाउंडर्स, बढ़ी मुश्किलें

    मुंबई। भारत में महज 10 मिनट में सामान पहुंचाने का दावा करने वाली क्विक कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी 'जेप्टो' (Zepto) बहुत जल्द घरेलू शेयर बाजार में अपना आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी में है। हालांकि, इस बहुप्रतीक्षित 10 हजार करोड़ रुपये के पब्लिक इश्यू के लॉन्च होने से ठीक पहले एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास जमा किए गए कंपनी के संशोधित दस्तावेजों से यह खुलासा हुआ है कि केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन के मामले में कंपनी के प्रमोटर्स को पूछताछ के लिए तलब किया था।

    सेबी के पास जमा नए ड्राफ्ट में हुआ ईडी के समन का खुलासा

    सोमवार को सेबी के समक्ष दाखिल किए गए अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) के 'जोखिम कारक' (Risk Factors) वाले खंड में इस कानूनी पेंच का जिक्र किया गया है। आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, अप्रैल 2026 में प्रवर्तन निदेशालय ने जेप्टो के दोनों सह-संस्थापकों—आदित पालिचा और कैवल्य वोहरा को समन जारी किया था। यह खबर ऐसे नाजुक मोड़ पर आई है जब कंपनी अगले कुछ महीनों के भीतर दलाल स्ट्रीट पर कदम रखने की पूरी योजना बना चुकी है। 8 अप्रैल 2026 को भेजे गए समन के जरिए ईडी ने दोनों प्रमोटर्स से विदेशी पूंजी निवेश, वित्तीय वर्ष 2021 के बाद के ऑडिटेड वित्तीय रिकॉर्ड, शेयर होल्डिंग का ढांचा, टैक्स रिटर्न, बैंक खातों और कंपनी के संपूर्ण बिजनेस मॉडल की बारीकी से जानकारी मांगी थी।

    जांच एजेंसी के सामने पेश हुए दोनों फाउंडर्स और सौंपे दस्तावेज

    दस्तावेजों में दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों युवा संस्थापकों ने इस मामले में जांच एजेंसी का पूरा सहयोग किया है और तय तारीखों पर पेश होकर अपनी बात रखी है। सह-संस्थापक कैवल्य वोहरा क्रमशः 17 और 22 अप्रैल को ईडी के समक्ष हाजिर हुए, जबकि मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आदित पालिचा ने 20 अप्रैल और 15 मई को जांच टीम के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पूछताछ के दौरान अधिकारियों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब देने के साथ ही दोनों ने मांग के अनुसार सभी जरूरी वित्तीय कागजात, इनवॉइस और सहायक दस्तावेज (फॉलो-अप डिटेल्स) केंद्रीय एजेंसी को सौंप दिए हैं।

    10,000 करोड़ रुपये के आईपीओ का ढांचा और फंड का इस्तेमाल

    मई महीने में सेबी की तरफ से जेप्टो को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के लिए हरी झंडी मिल चुकी है, जिसके बाद यह सार्वजनिक होने वाली देश की पहली क्विक कॉमर्स कंपनी बन जाएगी। इस विशाल आईपीओ के जरिए कंपनी बाजार से लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसमें 8,010 करोड़ रुपये के बिल्कुल नए शेयर (फ्रेश इश्यू) जारी किए जाएंगे। इसके अलावा कंपनी के मौजूदा प्रमोटर्स और निवेशक ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से 11.34 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगे। नए शेयरों से मिलने वाली 8,010 करोड़ रुपये की पूंजी का उपयोग जेप्टो देश भर में अपने 'डार्क स्टोर्स' के नेटवर्क का विस्तार करने, किराए के भुगतान, तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ब्रांडिंग व मार्केटिंग गतिविधियों को तेज करने के लिए करेगी।

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