लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष की भूमिका अहम, संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण हो हमारी प्राथमिकता : टीकाराम जूली
जयपुर। राजस्थान विधानसभा के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘अमृत महोत्सव उद्घोष’ कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष एवं अलवर ग्रामीण विधायक टीकाराम जूली ने संविधान की सर्वोच्चता, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के प्रति जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की पहली प्राथमिकता संविधान होना चाहिए और सभी को आत्मचिंतन करना चाहिए कि क्या वे जनता की उम्मीदों के साथ न्याय कर पा रहे हैं या नहीं।
टीकाराम जूली ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक विषमताओं और संघर्षों को नजदीक से देखा था, इसलिए संविधान में समानता और न्याय की भावना को सर्वोच्च स्थान दिया गया। उन्होंने कहा कि आजादी और संविधान निर्माण के 75 वर्ष बाद भी समाज के कई वर्ग अब भी पिछड़ेपन का सामना कर रहे हैं, ऐसे में सभी वर्गों के उत्थान के लिए मिलकर काम करना आवश्यक है।
जनता के हित में हो संसाधनों का उपयोग
नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि हर जनप्रतिनिधि को स्वयं से यह सवाल पूछना चाहिए कि क्या वह जनता के विश्वास पर खरा उतर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के उपलब्ध संसाधनों का न्यायपूर्ण और प्राथमिकता के आधार पर वितरण करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सदन में आने का अवसर बड़ी जिम्मेदारी के साथ मिलता है और उसका उपयोग केवल जनहित में होना चाहिए।
राजस्थान विधानसभा की कार्यप्रणाली की सराहना
टीकाराम जूली ने राजस्थान विधानसभा की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि देशभर में राजस्थान विधानसभा को गंभीर बहस और लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में विधानसभा कुछ दिनों तक ही चलती है, जबकि राजस्थान में सदन जनता के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा का मंच रहा है।
उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि वर्ष 1945 में पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में जयपुर में आयोजित देसी रियासतों के सम्मेलन ने राजस्थान में लोकतांत्रिक चेतना को मजबूत करने का कार्य किया था।
मजबूत विपक्ष से मजबूत होता है लोकतंत्र
जूली ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में मजबूत सरकार के लिए मजबूत विपक्ष का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान का इतिहास रहा है कि यहां विपक्ष ने हमेशा जनता की आवाज को मजबूती से उठाया है और सरकारों को जवाबदेह बनाया है।
उन्होंने कहा, “नेता प्रतिपक्ष के रूप में मेरी जिम्मेदारी है कि मैं जनता की बात सरकार के सामने पूरी मजबूती से रखूं। संभव है कि कई बार मेरी बातें कुछ लोगों को चुभें, लेकिन जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना मेरा कर्तव्य है।”
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