मरीजों की बेहतर देखभाल और सम्मानजनक जीवन पर जोर, उपचार के साथ शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक जरूरतों का ध्यान रखने का दिया संदेश
अलवर। विश्व हॉस्पिस एवं पैलिएटिव केयर दिवस के अवसर पर शनिवार को अलवर जिला चिकित्सालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को दर्द और अन्य तकलीफों से राहत देने, बेहतर देखभाल उपलब्ध कराने तथा सम्मानजनक जीवन जीने में सहयोग करने के बारे में जानकारी दी गई। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण शर्मा ने कार्यक्रम के उद्देश्य और महत्व के बारे में बताया।
इस वर्ष की थीम रही पैलिएटिव केयर: आवश्यक हर व्यक्ति के लिए
कार्यक्रम की इस वर्ष की थीम पैलिएटिव केयर: आवश्यक हर व्यक्ति के लिए रही। इसका उद्देश्य आमजन को इस विशेष देखभाल पद्धति की जरूरत और उपयोगिता के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में मरीजों के साथ उनके परिजनों और देखभाल करने वालों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
गंभीर मरीजों की तकलीफ कम करने पर जोर
पैलिएटिव केयर गंभीर और लंबे समय से बीमार मरीजों की देखभाल की विशेष पद्धति है। इसके तहत दर्द, सांस लेने में परेशानी, थकान और बीमारी से जुड़ी अन्य तकलीफों को कम करने का प्रयास किया जाता है। साथ ही मरीज की शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक जरूरतों का ध्यान रखा जाता है, जिससे मरीज और उसके परिवार को बीमारी के दौरान सहयोग मिल सके।
उपचार के साथ भी मिल सकती है विशेष देखभाल
कार्यक्रम में बताया गया कि पैलिएटिव केयर केवल जीवन के अंतिम चरण तक सीमित नहीं है, बल्कि गंभीर बीमारी के उपचार के साथ भी उपलब्ध कराई जा सकती है। इसका मुख्य उद्देश्य मरीज की जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाना, उसकी तकलीफ कम करना और उसे सम्मान के साथ जीवन जीने में मदद देना है।
इस देखभाल में परिवार के सदस्यों और अन्य देखभालकर्ताओं की भूमिका भी अहम होती है। सही जानकारी और सहयोग से मरीज की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने तथा बीमारी के दौरान उसके जीवन को अधिक सहज बनाने में मदद मिल सकती है।
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