जोधपुर। राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों की सरगर्मियां तेज होने के बीच जोधपुर संभाग में एक बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। संभाग के सात जिलों में 29 पूर्व सरपंचों, पूर्व उप सरपंचों और पूर्व वार्ड पंचों को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इसके अलावा 20 अन्य जनप्रतिनिधियों के खिलाफ परिनिर्णय लेखबद्ध किए जा चुके हैं, जिसके चलते ये सभी अगले पांच वर्षों तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
निर्वाचन आयोग ने मांगी थी अयोग्य जनप्रतिनिधियों की सूची
पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने संभागीय आयुक्त कार्यालयों से अयोग्य ठहराए गए पूर्व जनप्रतिनिधियों का ब्योरा मांगा था। संभागीय आयुक्त कार्यालय की ओर से अयोग्य घोषित और परिनिर्णय लेखबद्ध किए गए जनप्रतिनिधियों की विस्तृत सूची पंचायती राज विभाग, राज्य निर्वाचन आयोग और संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों को भेज दी गई है।
वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के चलते गिरी गाज
जनप्रतिनिधियों पर हुई इस दंडात्मक कार्रवाई की मुख्य वजह उनके कार्यकाल के दौरान सामने आई वित्तीय गड़बड़ियां, भ्रष्टाचार की शिकायतें और पंचायती राज विभाग की बकाया राशियां हैं। जांच में दोषी पाए जाने के बाद प्रशासन ने इन्हें चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य ठहराने का कठोर कदम उठाया है।
पाली, सिरोही और जालोर में सर्वाधिक कार्रवाई, सीमावर्ती जिलों में राहत
संभाग में सर्वाधिक अयोग्य और परिनिर्णय लेखबद्ध जनप्रतिनिधि पाली जिले में हैं, जहां 12 को अयोग्य ठहराया गया है और 5 के खिलाफ परिनिर्णय लेखबद्ध किए गए हैं। इसके बाद सिरोही और जालोर जिलों का स्थान है। वहीं दूसरी ओर, संभाग के सीमावर्ती जिलों बाड़मेर और जैसलमेर में एक भी जनप्रतिनिधि अयोग्य घोषित नहीं हुआ है।


