अलवर जिला परिषद में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में दिशा बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास, जल जीवन मिशन, मनरेगा और अन्य योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ योजनाएं लागू करने के निर्देश दिए गए।
मिशनसच न्यूज, अलवर।
जिला परिषद सभागार में आज विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण दिशा (District Development Coordination and Monitoring Committee) बैठक का आयोजन हुआ। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने की, जिसमें जिले के जनप्रतिनिधि, जिला कलक्टर, विभागीय अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य था — केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा, उनके जमीनी क्रियान्वयन की स्थिति का मूल्यांकन और जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर मंथन।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का संबोधन
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बैठक में कहा कि विकास योजनाओं का असली उद्देश्य तभी पूरा होता है जब उसका लाभ पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक योजना की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से तैयार की जाए और जनता के साथ साझा की जाए ताकि जनविश्वास और पारदर्शिता बनी रहे।
उन्होंने कहा — “विकास तभी सार्थक है जब उसका असर सीधे जनता के जीवन स्तर पर दिखाई दे।”
— भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री
मुख्य योजनाओं की समीक्षा
बैठक में प्रमुख रूप से निम्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई —
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) – ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी और गुणवत्ता पर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
जल जीवन मिशन – हर घर नल से जल योजना की प्रगति, पाइपलाइन बिछाने और जल स्रोतों के रखरखाव की स्थिति पर समीक्षा की गई।
स्वच्छ भारत मिशन – ग्रामीण और शहरी इलाकों में ठोस कचरा प्रबंधन और स्वच्छता अभियानों की स्थिति पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) – पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों की समीक्षा की गई।
मनरेगा योजना – रोजगार सृजन, मजदूरी भुगतान और ग्रामीण विकास कार्यों की गति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी चर्चा
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सतत विकास (Sustainable Development) के लिए इन सभी क्षेत्रों में समन्वय और पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अलवर जिले में विकास की अपार संभावनाएं हैं, और केंद्र सरकार इसके लिए हर संभव सहयोग देने को प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने कहा कि प्रत्येक योजना को “जनता की सहभागिता” से जोड़ना ही सुशासन की कुंजी है।
जिला स्तरीय प्रशासनिक सक्रियता
इस अवसर पर जिला कलक्टर, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला परिषद में आयोजित यह दिशा बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि इससे न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की गति तेज होगी, बल्कि सरकार की योजनाओं और जनता की अपेक्षाओं के बीच तालमेल भी मजबूत होगा।
बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अगली समीक्षा बैठक से पूर्व अपनी-अपनी योजनाओं की अद्यतन रिपोर्ट तैयार रखें और उसमें जमीनी प्रगति, चुनौतियों, और समाधान योजनाओं का स्पष्ट उल्लेख करें।


