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    अलवर नगर निगम चुनाव में तेज हुई कांग्रेस की रणनीति, जूली ने प्रत्याशियों संग किया मंथन

    चुनावी नतीजों से पहले कांग्रेस का बड़ा दावा, टीकाराम जूली बोले—बहुमत से अधिक सीटें आएंगी, बनेगा बोर्ड

    अलवर। नगर निगम चुनाव के मतदान के बाद अब 14 सितंबर को आने वाले परिणाम को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा के बाद अब कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशियों को एकजुट करते हुए आगे की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में अलवर नगर निगम के अधिकांश कांग्रेस प्रत्याशी एक निजी होटल में पहुंचे, जहां नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत भी पहुंचे।

    होटल में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कांग्रेस प्रत्याशियों के साथ बैठक की। बैठक में चुनाव परिणाम को लेकर संभावित समीकरणों, जीत-हार के आंकड़ों और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों को होटल से बसों के माध्यम से किसी अन्य स्थान पर ले जाया गया।

    प्रत्याशियों को एकजुट रखने पर जोर

    कांग्रेस की बैठक में नगर निगम चुनाव में प्रत्याशियों के प्रदर्शन और संभावित परिणामों को लेकर मंथन किया गया। पार्टी नेताओं ने उन वार्डों पर भी चर्चा की, जहां प्रत्याशियों की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

    कांग्रेस के कई प्रत्याशी महापौर पद के संभावित दावेदार भी बताए जा रहे हैं। ऐसे में परिणाम से पहले ही पार्टी के भीतर महापौर पद को लेकर राजनीतिक गणित और संभावित समीकरणों पर चर्चा शुरू हो गई है।

    जूली बोले—बहुमत से ज्यादा सीटें आएंगी

    बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दावा किया कि अलवर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को बहुमत से ज्यादा सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी एकजुट हैं और पार्टी नगर निगम में अपना बोर्ड बनाएगी।

    जूली ने यह भी दावा किया कि कुछ निर्दलीय प्रत्याशी कांग्रेस के साथ आने की तैयारी में हैं। ऐसे में यदि चुनाव परिणाम में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सामने आती है तो उनके समर्थन से कांग्रेस के समीकरण और मजबूत होने का दावा किया जा रहा है।

    निर्दलीयों पर भी कांग्रेस की नजर

    नगर निगम चुनाव के बाद अब राजनीतिक दल संभावित निर्दलीय पार्षदों के रुख पर भी नजर रख रहे हैं। कांग्रेस नेताओं की ओर से निर्दलीय प्रत्याशियों के संपर्क में होने का दावा किया गया है।

    महापौर चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका उस स्थिति में महत्वपूर्ण हो सकती है, जब किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता। इसी संभावना को देखते हुए कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपने-अपने राजनीतिक समीकरणों का आकलन कर रहे हैं।

    योगेश मिश्रा ने भी जताया कांग्रेस के महापौर बनने का भरोसा

    इधर कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष योगेश मिश्रा ने भी अलवर नगर निगम में कांग्रेस का महापौर बनने का दावा किया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता का पूरा आशीर्वाद मिला है और जनता के समर्थन के आगे किसी का मुकाबला नहीं टिक सकता।

    योगेश मिश्रा ने कहा कि 14 सितंबर को आने वाले परिणाम कांग्रेस के पक्ष में होंगे। निर्दलीय प्रत्याशियों को लेकर उन्होंने कहा कि निर्दलीय साथी भी कांग्रेस के संपर्क में हैं और आगे बनने वाले राजनीतिक समीकरणों में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।

    हाईकमान के निर्देश पर तय होगी आगे की रणनीति

    योगेश मिश्रा ने कहा कि परिणाम के बाद आगे की रणनीति जिला कांग्रेस कमेटी और पार्टी हाईकमान के निर्देशों के अनुसार तय की जाएगी। फिलहाल प्रत्याशियों और पार्टी नेताओं को एकजुट रखते हुए आगे की राजनीतिक रणनीति पर काम किया जा रहा है।

    अब सभी की निगाहें 14 सितंबर को आने वाले चुनाव परिणाम पर टिकी हैं। परिणाम सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अलवर नगर निगम में किस दल को बहुमत मिलता है और महापौर की कुर्सी तक कौन पहुंचता है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से बहुमत के साथ बोर्ड बनाने और महापौर पद हासिल करने का दावा किया जा रहा है।

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