More
    Homeराजस्थानअलवरअलवर में तप की आराधना के साथ उठी धार्मिक दिवसों पर आदेशों...

    अलवर में तप की आराधना के साथ उठी धार्मिक दिवसों पर आदेशों की पालना की मांग

    दसलक्षण पर्व के सातवें दिन मंदिरों में हुए अभिषेक-पूजन, 26 सितंबर को जैन भवन से निकलेगी शोभायात्रा

    अलवर। दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों के चल रहे दसलक्षण पर्व के सातवें दिन मंगलवार को उत्तम तप धर्म की आराधना की गई। शहर के विभिन्न दिगम्बर जैन मंदिरों में सुबह श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा, नित्य नियम पूजन और विधान सहित धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। शाम को मंदिरों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ विद्वानों के प्रवचन हुए।

    इसी बीच दसलक्षण पर्व के तहत 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी और 27 सितंबर को क्षमावाणी पर्व के अवसर पर मांस, मछली, अंडे तथा बूचड़खानों को बंद रखने संबंधी जारी आदेशों की पालना सुनिश्चित कराने की मांग भी उठी है। राजस्थान के पूर्व नि:शक्तजन आयुक्त खिल्लीमल जैन ने अलवर नगर निगम प्रशासन और नवनिर्वाचित महापौर सुमनलता अग्रवाल से इन दोनों दिवसों पर आदेशों की पूर्ण पालना कराने का आग्रह किया है।

    तप को आत्मशुद्धि का माध्यम बताया

    उत्तम तप धर्म के अवसर पर दिगम्बर जैन संत मुनि सौम्य सागर महाराज ने कहा कि तप को जीवन का साथी बनाने से ही वास्तविक सुख की प्राप्ति होती है। उन्होंने तप की महत्ता समझाते हुए कहा कि जिस प्रकार सोने की शुद्धता अग्नि में तपने के बाद सामने आती है, उसी प्रकार तप के माध्यम से आत्मा की शुद्धता का मार्ग प्रशस्त होता है।

    मुनिश्री ने कहा कि आत्मा को कर्म रूपी मल से दूर करने के लिए तप महत्वपूर्ण साधना है। उन्होंने उपवास के वास्तविक स्वरूप को समझाते हुए कहा कि केवल भोजन का त्याग ही तप नहीं है, बल्कि आत्मा के सन्निकट रहना और इच्छाओं का क्षय करना भी तप का महत्वपूर्ण पक्ष है। तप के माध्यम से कर्मों की निर्जरा होती है।

    उन्होंने कहा कि तप को केवल शारीरिक कष्ट मानने के बजाय आत्मशुद्धि की साधना के रूप में समझना चाहिए।

    26 सितंबर को निकलेगी शोभायात्रा

    श्री दिगम्बर जैन अग्रवाल पंचायती मंदिर कमेटी के मंत्री कैलाश चंद जैन और जीवन विकास शिविर के संयोजक सुशील जैन सीए ने बताया कि दसलक्षण पर्व पर आयोजित जीवन विकास शिविर के समापन अवसर पर 26 सितंबर को सुबह 6 बजे स्कीम नंबर 10 स्थित जैन भवन से शोभायात्रा निकाली जाएगी।

    यह शोभायात्रा मुनि सौम्य सागर महाराज के सानिध्य में निकाली जाएगी। आयोजन को लेकर जैन समाज में तैयारियां चल रही हैं।

    मंदिरों में हुई जिनेन्द्र भक्ति

    जैन पत्रकार महासंघ अलवर के जिला संयोजक हरीश जैन ने बताया कि दसलक्षण पर्व के सातवें दिन शहर के जैन मंदिरों में विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। सुबह अभिषेक, शांतिधारा, नित्य नियम पूजन और विधान के बाद शाम को धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

    बीती रात स्थानीय बलजी राठौड़ की गली स्थित श्री दिगम्बर जैन अग्रवाल पंचायती मंदिर में जागरण हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य किया और जिनेन्द्र भक्ति के कार्यक्रम में भाग लिया।

    दो पर्व दिवसों पर आदेशों की पालना की मांग

    पूर्व नि:शक्तजन आयुक्त खिल्लीमल जैन ने कहा कि दिगम्बर जैन समाज के लिए अनंत चतुर्दशी और क्षमावाणी पर्व के दिन व्रत, तपस्या और संयम की विशेष महत्ता है। उन्होंने अलवर नगर निगम प्रशासन से 25 सितंबर और 27 सितंबर को मांस, मछली, अंडे तथा बूचड़खानों को बंद रखने संबंधी आदेशों की पालना सुनिश्चित कराने की मांग की।

    उन्होंने महापौर सुमनलता अग्रवाल का ध्यान आकर्षित करते हुए नगर निगम अधिकारियों और पार्षदों की संयुक्त समिति गठित करने का सुझाव भी दिया। उनके अनुसार ऐसी समिति धार्मिक अवसरों पर संबंधित आदेशों की पालना सुनिश्चित कराने के साथ शहर में अवैध रूप से संचालित मांस-मछली और अंडे की दुकानों तथा बूचड़खानों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई के लिए सक्रिय रह सकती है।

    23 सितंबर को होगी उत्तम त्याग धर्म की पूजा

    दसलक्षण पर्व के आठवें दिन 23 सितंबर को उत्तम त्याग धर्म की आराधना की जाएगी। जैन समाज के मंदिरों में इसके लिए विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
    https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1

    अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

    https://missionsach.com/category/india

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here