आरक्षण प्रक्रिया से साफ होगी सीटों की तस्वीर, 11 पंचायत समितियों के सदस्य और प्रधान पदों का भी होगा निर्धारण; 24 सितंबर को सरपंच-पंचों की लॉटरी
अलवर। पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 को लेकर अलवर जिले में आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई। मिनी सचिवालय स्थित जिला कलक्ट्रेट सभागार में सुबह 11 बजे से जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जा रही है। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आर्तिका शुक्ला की मौजूदगी में आयोजित इस प्रक्रिया के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी।
लॉटरी के माध्यम से जिला परिषद अलवर के 39 सदस्य निर्वाचन क्षेत्रों, जिले की पंचायत समितियों के निर्वाचन क्षेत्रों तथा प्रधान पदों के लिए आरक्षण निर्धारित किया जा रहा है। आरक्षण की श्रेणियां तय होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित दावेदारों के लिए भी स्थिति स्पष्ट होगी।
11 पंचायत समितियों के वार्डों का होगा निर्धारण
अलवर जिले में पंचायत समितियों के वार्डों की संख्या अलग-अलग है। उपलब्ध विवरण के अनुसार रैणी में 27, उमरैण में 25, मालाखेड़ा में 23, राजगढ़ में 23, कठूमर में 23, थानागाजी में 21, लक्ष्मणगढ़ में 17, रामगढ़ में 17, गोविन्दगढ़ में 15, खेड़ली-सौंखर में 15 वार्ड हैं। जिला स्तर की लॉटरी में इन पंचायत समितियों के सदस्य पदों के आरक्षण की स्थिति भी तय की जा रही है।
जिला परिषद और पंचायत समिति स्तर की आरक्षण प्रक्रिया के बाद ग्रामीण राजनीति में संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। कई क्षेत्रों में लंबे समय से चुनावी तैयारियों में जुटे लोगों की नजर अब आरक्षण की स्थिति पर टिकी हुई है।
24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंचों की लॉटरी
ग्राम पंचायतों के सरपंच और वार्ड पंच पदों के आरक्षण की लॉटरी 24 सितंबर को संबंधित उपखंड स्तर पर आयोजित की जाएगी। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ग्राम पंचायत स्तर तक आरक्षित और सामान्य सीटों की तस्वीर सामने आ जाएगी।
राज्य स्तर पर आरक्षण लॉटरी का कार्यक्रम पहले 17 और 18 सितंबर के लिए प्रस्तावित था, लेकिन नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया के चलते इसमें बदलाव किया गया। संशोधित कार्यक्रम के तहत 23 सितंबर को जिला स्तर तथा 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर आरक्षण निर्धारण किया जा रहा है।
दावेदारों की चुनावी तैयारियों को मिलेगी दिशा
आरक्षण की लॉटरी पूरी होने के बाद संभावित उम्मीदवारों को अपने क्षेत्र की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसके साथ ही राजनीतिक दलों और स्थानीय स्तर पर सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ताओं की गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है।
पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर राज्य में तैयारियां आगे बढ़ रही हैं। राजस्थान में पंचायत चुनाव प्रक्रिया को 15 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
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