चातुर्मास स्थल पर संघ प्रमुख का स्वागत करेगा समिति, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर होगी विचार-विमर्श
भीलवाड़ा। धर्मनगरी भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास कर रहे राष्ट्र संत एवं प्रखर वक्ता आचार्य पुलकसागरजी महाराज से मिलने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 14 सितंबर को भीलवाड़ा पहुंचेंगे। संघ प्रमुख के आगमन की अधिकृत सूचना मिलने के बाद श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डॉ. मोहन भागवत सोमवार सुबह करीब 11 बजे शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल पहुंचेंगे, जहां आचार्य पुलकसागरजी महाराज का चातुर्मास प्रवास चल रहा है। यहां श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति की ओर से संघ प्रमुख का स्वागत एवं अभिनंदन किया जाएगा।
करीब एक घंटे होगी धर्म और समाज पर चर्चा
चातुर्मास स्थल पर स्वागत कार्यक्रम के बाद डॉ. मोहन भागवत और आचार्य पुलकसागरजी महाराज के बीच करीब एक घंटे तक विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श प्रस्तावित है। इस दौरान धार्मिक एवं सामाजिक विषयों के साथ समसामयिक मुद्दों और राष्ट्र के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
दोनों संत-नेताओं की मुलाकात को लेकर जैन समाज और संघ से जुड़े लोगों में भी उत्सुकता है। समिति की ओर से कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारी
संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के भीलवाड़ा आगमन को देखते हुए चातुर्मास स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। आयोजन स्थल पर आने-जाने की व्यवस्था, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
समिति का प्रयास है कि संघ प्रमुख के आगमन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो और कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
पहली बार भीलवाड़ा में चातुर्मास कर रहे आचार्य पुलकसागर
गौरतलब है कि श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मुख्य सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से आचार्य पुलकसागरजी महाराज इस वर्ष भीलवाड़ा में चातुर्मास कर रहे हैं।
आचार्य पुलकसागरजी महाराज अपनी ओजस्वी वाणी और प्रभावशाली विचारों के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान रखते हैं। धार्मिक विषयों के साथ वे सामाजिक और पारिवारिक मुद्दों पर भी अपने विचार व्यक्त करते रहे हैं। राष्ट्र के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों और समसामयिक विषयों पर उनकी बेबाक अभिव्यक्ति के कारण बड़ी संख्या में लोग उनके प्रवचनों से जुड़ते हैं।
धार्मिक और सामाजिक विषयों पर रखते हैं स्पष्ट विचार
आचार्य पुलकसागरजी महाराज अपने प्रवचनों के माध्यम से लोगों को धर्म, संस्कार और नैतिक जीवन के प्रति प्रेरित करते हैं। उनके चातुर्मास के दौरान भीलवाड़ा में धार्मिक कार्यक्रमों और प्रवचनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता देखने को मिल रही है।
14 सितंबर को होने वाली डॉ. मोहन भागवत और आचार्य पुलकसागरजी महाराज की मुलाकात को इसी धार्मिक एवं सामाजिक संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चातुर्मास समिति की ओर से संघ प्रमुख के स्वागत और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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