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    आजादी के बाद पहली बार खोहर गांव को मिली सरपंची, पढ़ी-लिखी बहू पूजा ने 38 वोटों से रचा इतिहास; जीत की खबर सुन छलक पड़े आंसू

    पति का संकल्प, गांव की एकजुटता और पूजा की जीत,  देर रात तक मंदिर में गूंजते रहे भजन, खुशी में झूमे ग्रामीण

    नौगांवा। किसी की आंखों में खुशी के आंसू थे, तो कोई ढोल-भजनों की धुन पर झूम रहा था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के चेहरे पर मुस्कान थी। मौका था खोहर गांव को आजादी के बाद पहली बार अपना सरपंच मिलने का। सरपंच चुनाव में गांव की पढ़ी-लिखी बहू पूजा ने 38 वोटों से जीत दर्ज की तो पूरा गांव खुशी से झूम उठा। यह जीत सिर्फ एक प्रत्याशी की नहीं, बल्कि बरसों से अपनी अलग पंचायत और अपना सरपंच पाने की उम्मीद लगाए बैठे ग्रामीणों के लिए भी खास बन गई।

    पति ने ठाना था- पूजा को सरपंच बनाना है, गांव ने मिलकर पूरा किया सपना

    पूजा बीए, एमए और एमएड तक पढ़ी हैं। उनके पति शिवलाल ने पूजा को सरपंच बनाने का संकल्प लिया था। इस संकल्प को पूरा करने के लिए गांव के युवा, महिलाएं और पुरुष एकजुट होकर चुनाव मैदान में जुटे रहे। आखिरकार मेहनत रंग लाई और पूजा ने 38 वोटों से जीत हासिल कर ली। जीत की खबर मिलते ही गांव में बधाइयों का दौर शुरू हो गया। ग्रामीणों के लिए यह पल इतना भावुक था कि कई लोगों की आंखें खुशी से नम हो गईं।

    छह गांवों वाली पंचायत से अलग होकर खोहर ने चुना अपना मुखिया

    परिसीमन से पहले खोहर गांव हाजीपुर ग्राम पंचायत का हिस्सा था। जिसमेमोहम्मदपुर, नंगलीवाल, हाजीपुर, खोहर, झंडाखेड़ी और गोलकी सहित छह गांव शामिल थे। नए परिसीमन के बाद हाजीपुर और खोहर को मिलाकर ग्राम पंचायत बनाया गया। इसके बाद खोहर के ग्रामीणों को पहली बार अपनी पंचायत का सरपंच चुनने का अवसर मिला।

    आंकड़ों के अनुसार, हाजीपुर ग्राम पंचायत में 1401 और खोहर में 680 मतदाता हैं। इस चुनाव को ग्रामीणों ने अपने गांव के लिए नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा।

    चामुंडा माता के दरबार में धोक, भजनों पर झूमकर मनाया जश्न

    पूजा की जीत के बाद गांव में उत्सव जैसा माहौल हो गया। ग्रामीण एक-दूसरे को बधाई देने लगे। देर रात तक लोग चामुंडा माता मंदिर पहुंचे, माता के दरबार में धोक लगाई और भजनों पर नाचकर खुशी मनाई। गांव की गलियों से लेकर मंदिर तक जीत की चर्चा रही।

    किसी के लिए यह पहली सरपंची मिलने की खुशी थी, तो किसी के लिए गांव की बहू को गांव की कमान सौंपे जाने का गर्व। पूजा की जीत ने खोहर में एक ऐसा यादगार पल बना दिया, जिसे ग्रामीण लंबे समय तक याद रखेंगे।

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