उच्च शिक्षा विभाग को ज्ञापन भेजकर नकल प्रकरण पर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कानूनी व विभागीय कार्रवाई की उठाई मांग
अलवर। बाबू शोभाराम राजकीय कला महाविद्यालय में परीक्षा के दौरान कथित सामूहिक नकल के मामले को लेकर शिक्षा बचाओ आंदोलन राजस्थान एवं रुक्टा डेमोक्रेटिक ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के प्रदेश संयोजक प्रो. रमेश बैरवा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन कर उच्च शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा तथा आयुक्त, कॉलेज शिक्षा के नाम ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में 2 जुलाई को आयोजित इतिहास विषय की चतुर्थ सेमेस्टर की मध्यावधि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के माध्यम से कथित सामूहिक नकल होने के आरोपों का उल्लेख करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
निष्पक्ष जांच कराने की मांग
संगठन का आरोप है कि परीक्षा संचालन में गंभीर अनियमितताएं हुईं तथा परीक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता प्रभावित हुई। ज्ञापन में परीक्षा समिति, निरीक्षण व्यवस्था तथा परीक्षा संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही वायरल वीडियो और अन्य तथ्यों की भी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही गई है।
नियमित पढ़ाई पर दिया जोर
प्रो. रमेश बैरवा ने कहा कि यदि महाविद्यालयों में नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण अध्ययन-अध्यापन हो तो विद्यार्थियों में नकल की प्रवृत्ति स्वतः कम होगी। उन्होंने नियमित कक्षाओं, 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य कम कराने तथा शैक्षणिक वातावरण को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
आरोपों की पुष्टि शेष
ज्ञापन में प्राचार्य और अन्य अधिकारियों के विरुद्ध कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी थी। मामले में जांच के बाद ही तथ्यों की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होगी।
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