स्टूडेंट यूनियन ने पारदर्शिता और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की उठाई मांग, डीन ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन
अलवर। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सोमवार को स्टूडेंट यूनियन ने कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। छात्रों ने कॉलेज के गेट पर तालाबंदी कर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने स्टूडेंट वेलफेयर और डेवलपमेंट फंड के उपयोग में पारदर्शिता, जरूरत के समय फंड उपलब्ध कराने के साथ दवाइयां, मेडिकल जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के कारण अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
छात्रों ने फंड के उपयोग पर उठाए सवाल
स्टूडेंट यूनियन के जनरल सेक्रेटरी करण अलारिया ने कॉलेज प्रशासन पर अनदेखी और लापरवाही के आरोप लगाए। छात्रों का कहना है कि उनसे हर साल करीब 5 हजार रुपये स्टूडेंट डेवलपमेंट फंड के नाम पर लिए जाते हैं।
छात्रों के अनुसार, पिछले करीब डेढ़ साल से इस फंड का उपयोग नहीं किया गया है, जबकि इसमें बड़ी राशि जमा हो चुकी है। छात्रों का आरोप है कि जरूरत पड़ने पर वे इस राशि का उपयोग करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुविधा नहीं मिल पा रही है।
दवाइयों और मेडिकल जांच को लेकर भी नाराजगी
छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें आवश्यक दवाइयां, मेडिकल जांच और उपचार की सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं मांगों को लेकर स्टूडेंट यूनियन ने कॉलेज गेट पर तालाबंदी कर धरना शुरू किया।
छात्रों का कहना है कि उनकी मांग केवल फंड तक सीमित नहीं है, बल्कि अस्पताल में आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर तरीके से उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
पुलिस ने छात्रों से गेट खोलने की अपील की
मामले की सूचना मिलने पर उद्योगनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी रामेश्वर लाल ने छात्रों से गेट खोलने और अस्पताल आने वाले मरीजों को परेशानी नहीं होने देने की अपील की।
पुलिस ने चेतावनी दी कि यदि मरीजों के इलाज में बाधा उत्पन्न की गई या स्थिति बिगड़ी तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे और प्रदर्शन जारी रखा।
डीन के साथ हुई वार्ता, एसओपी बनाने का आश्वासन
इसी बीच स्टूडेंट यूनियन के प्रतिनिधियों की डीन के साथ वार्ता हुई। वार्ता में डीन की ओर से स्टूडेंट फंड के उचित उपयोग के लिए जल्द मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने का आश्वासन दिया गया।
छात्रों की मांगों को लेकर मंत्री स्तर पर बैठक आयोजित किए जाने की बात भी कही गई। वहीं, दवाइयों और मेडिकल जांच से जुड़ी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया।
छात्रों ने कहा- आश्वासन नहीं, प्रभावी कार्रवाई जरूरी
वार्ता के बाद छात्रों ने प्रशासन से मांगों पर ठोस कार्रवाई की उम्मीद जताई। हालांकि, छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि स्टूडेंट वेलफेयर फंड और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी निर्णय लिया जाना चाहिए।
फिलहाल ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में छात्रों के आंदोलन और तालाबंदी को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है। अस्पताल में मरीजों की आवाजाही और इलाज प्रभावित नहीं हो, इसे लेकर भी प्रशासन के सामने चुनौती है। वहीं, छात्र अपनी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक प्रशासन पर दबाव बनाए रखने की बात कह रहे हैं।
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