स्ट्रीट लाइट खराब होने से हाईवे पर अंधेरा, नगर पालिका की कार्यशैली पर सवाल
किशनगढ़ बास। अलवर-भिवाड़ी हाईवे स्थित किशनगढ़ बास बाईपास पर लाखों रुपए खर्च कर लगाई गई स्ट्रीट लाइटें और तिरंगा लाइटें अधिकतर बंद पड़ी हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अंधेरा पसरा हुआ है और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बाईपास पर स्थित बस स्टैंड क्षेत्र में देर रात तक लोगों का आवागमन रहता है, लेकिन स्ट्रीट लाइटें बंद होने के कारण यहां सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल ही में लगाई गई ये लाइटें इतने कम समय में खराब हो जाना और उनकी मरम्मत नहीं होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
लाइटों की गुणवत्ता और टेंडर पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह जांच का विषय है कि स्ट्रीट लाइट लगाने का टेंडर किस फर्म को दिया गया था और किस कंपनी की लाइटें लगाई गई थीं। लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
गारंटी पीरियड में भी नहीं हो रही मरम्मत
लोगों का कहना है कि जब लाइटें अभी गारंटी अवधि में ही खराब हो गई हैं, तो संबंधित कंपनी को ही उन्हें ठीक करना चाहिए। सवाल यह भी उठ रहा है कि नगर पालिका द्वारा कंपनी को शिकायत की गई या नहीं, और यदि की गई तो अब तक लाइटें ठीक क्यों नहीं हुईं।
करोड़ों खर्च के बावजूद स्थिति जस की तस
पिछले 10 वर्षों में नगर पालिका द्वारा शहर में स्ट्रीट लाइट लगाने पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद हालात में सुधार नहीं दिख रहा। लोगों का कहना है कि यदि सभी खरीदी गई लाइटों और उनके उपयोग का सही रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए, तो पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
इसके अलावा नगर पालिका द्वारा लाइटों की मरम्मत के लिए अलग से मैकेनिक रखे गए हैं और सामान की खरीद भी की जाती है, जिससे खर्च और बढ़ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब कंपनी की जिम्मेदारी बनती है, तो नगर पालिका अतिरिक्त खर्च क्यों कर रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द लाइटों को ठीक कराने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
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