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    क्या नवजात बच्चों की माताओं को तिल-तिल तड़पने पर मजबूर करना ही आपका सुशासन है?- जूली

    नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए, पीड़ित महिलाओं के निःशुल्क किडनी प्रत्यारोपण, आर्थिक सहायता और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की

    जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कोटा के सरकारी अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही से प्रभावित प्रसूताओं के मामले को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या नवजात शिशुओं की माताओं को पीड़ा में छोड़ देना ही सुशासन है और सरकार उनके उपचार के लिए क्या कदम उठा रही है।

    जूली ने कहा कि प्रभावित महिलाओं को बार-बार डायलिसिस कराना पड़ रहा है और कुछ पीड़ितों द्वारा राष्ट्रपति के समक्ष इच्छा मृत्यु की मांग किए जाने की खबरें अत्यंत चिंताजनक हैं। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न बताते हुए कहा कि इस पूरे मामले में तत्काल मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिन महिलाओं ने हाल ही में बच्चों को जन्म दिया, उन्हें मातृत्व की जिम्मेदारियां निभानी थीं, लेकिन वे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस संवेदनशील विषय पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है।

    जूली ने राज्य सरकार से मांग की कि प्रभावित प्रसूताओं के निःशुल्क किडनी प्रत्यारोपण की समुचित व्यवस्था की जाए तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विशेष सहायता पैकेज उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनके उपचार और परिवार के भरण-पोषण में सहायता मिल सके।

    उन्होंने यह भी मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यदि किसी स्तर पर लापरवाही सिद्ध होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सा कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

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