प्रेरणा के रूप में वरहालम्मा पुण्यतिथि पर आईएएस गौरी शंकर ने माता-पिता की सेवा को बताया सर्वोपरि
खैरथल। ग्राम लालपुर, खुशखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित शिव कुटीर में शनिवार को वरहालम्मा की 33वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी गौरी शंकर द्वारा धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान गौरी शंकर ने अपने माता-पिता सूर्य नारायण और वरहालम्मा की प्रतिमाओं की विधिवत स्थापना करवाई। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना एवं प्राण-प्रतिष्ठा की गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
पूजन के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों, परिजनों और परिचितों ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में गौरी शंकर की पत्नी रजनी गौरी शंकर, आईएएस एम कंकाजी सहित परिवार के सदस्य एवं समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अलवर से शुभकामनाएं देने पहुंचे लोगों में पूर्व पार्षद गोरी शंकर विजय, मनोज विजयवर्गीय, प्रकाश गुप्ता और मनीष बावलिया भी शामिल रहे।
संदेश: माता-पिता की सेवा सबसे बड़ा धर्म
इस मौके पर गौरी शंकर ने कहा कि हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अपने माता-पिता का सम्मान करे और उनकी सेवा करे। उन्होंने कहा कि माता-पिता जीवन की सबसे बड़ी पूंजी और मार्गदर्शक होते हैं।
उन्होंने कहा, “हम आज जो भी हैं, अपने माता-पिता की मेहनत और आशीर्वाद से हैं। उनका आदर और सेवा करना ही सच्चा धर्म है।”
सामुदायिक सद्भाव का संदेश
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने इस आयोजन को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन पारिवारिक मूल्यों और परंपराओं को मजबूत करते हैं।
भंडारे में सभी ने एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया, जिससे सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश भी प्रसारित हुआ।
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