लोहड़ी महोत्सव सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक, समाज में एकता और सद्भाव को करते हैं मजबूत
मिशनसच न्यूज, जयपुर। राजधानी जयपुर में मंगलवार को राजस्थान प्रदेश पंजाबी महासभा एवं राजापार्क व्यापार मंडल की ओर से आयोजित गोकाष्ठ लोहड़ी महोत्सव में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शिरकत की। मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ मुख्यमंत्री ने लोहड़ी प्रज्वलित कर प्रदेश की समृद्धि, सुख-शांति और उन्नति की कामना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पंजाबी समाज के प्रबुद्धजन, व्यापारी वर्ग और आमजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक पंजाबी संस्कृति के रंगों से सजाया गया था, जहां ढोल की थाप और लोकगीतों की गूंज ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
लोहड़ी जैसे पर्व समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उपस्थित जनसमूह को लोहड़ी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोहड़ी जैसे लोकपर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। ये पर्व समाज में एकता, भाईचारे और सद्भाव की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि हर आयु वर्ग के लोग उत्साह और उमंग के साथ इस त्योहार को मनाते हैं, जिससे सामाजिक समरसता को नई ऊर्जा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विविधताओं का देश है, जहां प्रत्येक समुदाय की अपनी परंपराएं और लोकसंस्कृति हैं। ऐसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
पंजाबी समाज का प्रदेश के विकास में अहम योगदान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाबी समाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि राजस्थान के विकास में पंजाबी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। व्यापार, शिक्षा, सेवा और उद्यमिता के क्षेत्र में पंजाबी समाज ने राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार सभी समुदायों के सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहित करने के लिए सदैव तत्पर है।
गोकाष्ठ लोहड़ी: पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश
इस आयोजन की खास बात यह रही कि परंपरागत लकड़ी की जगह गोकाष्ठ से लोहड़ी प्रज्वलित की गई। आयोजकों ने बताया कि गोकाष्ठ लोहड़ी का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देना है। इस पहल की मुख्यमंत्री ने सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
पारंपरिक संस्कृति की दिखी अनूठी झलक
महोत्सव में पंजाबी लोकनृत्य, गिद्दा और भांगड़ा की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। पारंपरिक परिधान में सजे कलाकारों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने लोहड़ी के गीतों पर तालियां बजाकर उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम स्थल पर पारंपरिक पंजाबी व्यंजनों की भी विशेष व्यवस्था की गई, जिससे आयोजन में सांस्कृतिक रंग और गहरा हो गया।
समाज के प्रबुद्धजनों की रही गरिमामयी उपस्थिति
अवसर पर राजस्थान प्रदेश पंजाबी महासभा के अध्यक्ष रवि नय्यर, राजस्थान सिख समाज के अध्यक्ष अजयपाल सिंह सहित पंजाबी समाज के अनेक गणमान्य नागरिक, व्यापारी वर्ग और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और लोहड़ी पर्व के माध्यम से सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।
सांस्कृतिक आयोजनों को मिलेगा सरकार का सहयोग
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सभी समुदायों के सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों को निरंतर सहयोग प्रदान करती रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देंगे और आपसी भाईचारे को और मजबूत करेंगे।
उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया पर्व
पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और उल्लास का माहौल रहा। लोगों ने एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं और परंपरागत तरीके से तिल, गुड़, रेवड़ी और मूंगफली अर्पित कर पर्व मनाया। कार्यक्रम के अंत में प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना के साथ आयोजन का समापन हुआ।
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