अलवर के गोविंदगढ़ ट्रेड फेयर हिंसा में हुई युवक वकार की मौत के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने परिजनों से मुलाकात कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की।
मिशनसच न्यूज, अलवर।
गोविंदगढ़ रेलवे फाटक के पास लगे ट्रेड फेयर में हुई हिंसा और युवक वकार की मौत के मामले ने पूरे अलवर जिले को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली मृतक वकार के गांव पहुंचे, जहां उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
नेताओं ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके से ही वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात की और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। दोनों नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक युवक की हत्या नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
टीकाराम जूली ने कहा — “राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही अराजकता का माहौल बन गया है। अपराधियों में पुलिस का इकबाल खत्म हो गया है और आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है।”
पूर्व सदर शेर मोहम्मद शनिवार को पीड़ित परिवार की बात बड़ी सख्ती से प्रशाशन के सामने रखते हुए नजर आए जिसका विडिओ भी सोशल मीडिया पर काफी वाइरल हुआ ।
जितेंद्र सिंह ने भी कहा कि सार्वजनिक मेले जैसे खुले आयोजनों में इस तरह की घटनाएं पुलिस और प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती हैं। उन्होंने मांग की कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर से कठोर सजा दी जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने मृतक के परिजनों को संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है और न्याय की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ी जाएगी।
ग्रामीणों ने बताया कि वकार एक शांत-स्वभाव युवक था, जो परिवार का सहारा था। झगड़े की शुरुआत मेले में मामूली विवाद से हुई, जो कुछ ही देर में हिंसा में बदल गई। इस दौरान वकार को गंभीर चोटें आईं, जिनसे उसकी मृत्यु हो गई।
घटना के बाद से ही गांव और आस-पास के इलाकों में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोग पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मुलाकात के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष योगेश मिश्रा, राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधायक मांगेलाल मीणा, ललित यादव, इमरान खान, पूर्व सदर शेर मोहम्मद, आर्यन जुबेर खान, संज़ीव बारेठ, उमरदीन खान, विश्राम गुर्जर, हिम्मत चौधरी सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।
नेताओं ने प्रशासन को चेताया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।
यह मामला अब कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली दोनों पर सवाल खड़े करता है। अलवर जैसे शांत जिले में बढ़ते अपराधों ने आम जनता को असुरक्षित कर दिया है, जिसे लेकर जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है।


