ग्रेटर नोएडा की दहेज मौत में फॉर्च्यूनर और 50 लाख मांगने का आरोप, पति-ससुर जेल भेजे गए
ग्रेटर नोएडा। जलपुरा गांव में दहेज प्रताड़ना का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शादी के महज 14 महीने बाद 24 वर्षीय विवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।
परिजनों का आरोप है कि शादी में पहले ही स्कॉर्पियो गाड़ी और करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें खत्म नहीं हुईं। आरोप है कि विवाहिता पर लगातार फॉर्च्यूनर कार और 50 लाख रुपये अतिरिक्त नकद लाने का दबाव बनाया जा रहा था। मांग पूरी नहीं होने पर उसे प्रताड़ित किया गया और तीसरी मंजिल से फेंककर हत्या कर दी गई।
मृतका दीपिका बीएड पास थी, जबकि आरोपी पति ऋतिक बीए एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। आरोपी का परिवार इलाके में प्रभावशाली माना जाता है। बताया जा रहा है कि आरोपी के पिता मनोज गांव के पूर्व प्रधान हैं और उनके कई शैक्षणिक संस्थान संचालित हैं।
मृतका की मां और चाचा ने बताया कि दीपिका लगातार प्रताड़ना सह रही थी, लेकिन रिश्तों को बचाने के लिए वह चुप रही। घटना वाले दिन भी उसने फोन कर अपने साथ मारपीट होने की जानकारी दी थी। देर रात परिजनों को सूचना मिली कि वह छत से गिर गई है।
परिवार का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर दीपिका के शरीर, पेट और गले पर गंभीर चोटों के निशान दिखाई दिए। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस का कहना है कि विवाहिता मानसिक प्रताड़ना से परेशान थी और उसने तीसरी मंजिल से कूदकर जान दी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, जिसके चलते बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति ऋतिक और ससुर मनोज को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सीमा भाटी ने इस घटना को समाज के लिए कलंक बताते हुए मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की है। उन्होंने पीड़ित परिवार को निःशुल्क कानूनी सहायता देने की भी बात कही।
आंकड़ों के अनुसार ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में पिछले तीन वर्षों में दहेज प्रताड़ना और संदिग्ध मौतों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि शिक्षित परिवारों में भी दहेज जैसी कुप्रथा का बने रहना गंभीर चिंता का विषय है।
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