चार माह तक चलेगा चातुर्मास, सिद्धचक्र महामंडल विधान और विश्वशांति महायज्ञ सहित होंगे अनेक धार्मिक आयोजन
तिजारा। श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र, देहरा में इस वर्ष का चातुर्मास धर्म, अध्यात्म और संस्कृति का महाकुंभ बनने जा रहा है। परम पूज्य श्रमणाचार्य श्री 108 विमर्शसागर जी महामुनिराज ससंघ का रविवार, 19 जुलाई को देहरा में भव्य मंगल प्रवेश होगा। चातुर्मास समिति के अध्यक्ष सुरेश जैन (पटेल) ने बताया कि गुरुवर के आगमन को लेकर संपूर्ण जैन समाज में हर्ष, उल्लास और भक्ति का वातावरण है। देहरा, तिजारा, खैरथल, भिवाड़ी, अलवर, दिल्ली, गुरुग्राम, रेवाड़ी सहित अनेक शहरों से हजारों श्रद्धालुओं के इस ऐतिहासिक अवसर पर पहुंचने की संभावना है।
प्रचार मंत्री उमंग जैन ने बताया कि गुरुवर का संघ प्रातः लगभग 7:30 बजे देहरा पहुंचेगा। मंगल प्रवेश मार्ग को आकर्षक तोरण द्वारों, पुष्प सज्जा, रंगोलियों, धर्मध्वजाओं और स्वागत बैनरों से सजाया जा रहा है। श्रद्धालु मंगल कलश, आरती, पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ आचार्यश्री का स्वागत करेंगे। आयोजन को सफल बनाने के लिए समाज की विभिन्न समितियां, महिला मंडल, युवा मंडल और स्वयंसेवक पिछले कई दिनों से तैयारियों में जुटे हुए हैं।
देहरा जैन मंदिर अध्यक्ष मुकेश जैन, महामंत्री नरेंद्र जैन, वरुण जैन, अमन जैन, शैलू जैन और शंभू जैन ने बताया कि चातुर्मास के चार माह के दौरान प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल धर्मसभा, मंगल प्रवचन, स्वाध्याय, शंका समाधान, भगवान जिनेंद्र का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, सामूहिक आराधना, भक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आचार्य श्री विमर्शसागर जी अपने ओजस्वी और प्रेरणादायी प्रवचनों के माध्यम से अहिंसा, सत्य, संयम, आत्मकल्याण, संस्कार, सदाचार और आध्यात्मिक जीवन का संदेश देंगे। उनके सान्निध्य में श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और धर्म साधना का दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा।
चातुर्मास के प्रमुख आयोजनों में 20 जुलाई से 28 जुलाई तक आयोजित होने वाला श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ विशेष आकर्षण रहेगा। नौ दिवसीय इस महाआयोजन में देशभर से इंद्र-इंद्राणियां, विधानाचार्य, संगीत मंडलियां तथा हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। भगवान जिनेंद्र की आराधना के साथ विश्वशांति, राष्ट्र की उन्नति, समाज की समृद्धि और समस्त जीवों के कल्याण की मंगल कामना की जाएगी। आयोजन के दौरान पूरे देहरा क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बना रहेगा।
चातुर्मास समिति ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से परिवार सहित उपस्थित होकर आचार्यश्री के दर्शन, वंदन और मंगल प्रवचनों का लाभ लेने तथा सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ में सहभागी बनने की अपील की है। समिति का कहना है कि देहरा तीर्थ में आयोजित होने वाला यह चातुर्मास क्षेत्र के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक होगा, जो धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनकर हजारों श्रद्धालुओं को आत्मकल्याण की प्रेरणा देगा।
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